बिहारी विधायक ने नव वर्ष पर नेपाल में बटोरी सुर्खियां
काठमांडू, 2 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के एक विधायक ने नव वर्ष के पहले दिन नेपाल में खूब सूर्खियां बटोरी। लेकिन किसी अच्छे काम के लिए नहीं, बुरे काम के लिए।
अररिया जिले के जोकिहाट विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) के विधायक सरफराज आलम नेपाली अधिकारियों को सूचित किए बगैर नव वर्ष मनाने परिवार सहित दक्षिणी नेपाल के सप्तारी जिले में शनिवार को मशीनगनधारी अंगरक्षकों के साथ प्रवेश कर गए।
आलम, पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के बेटे हैं। वह सप्तारी के भद्रवाह में स्थित कोसी बैराज के पास स्थित पिकनिक स्थल, गोलघर में नया साल मनाने के लिए पारिवारिक सदस्यों सहित पहुंचे थे।
दो बोलेरो वाहनों में विधायक के सशस्त्र अंगरक्षक सवार थे।
प्रोटोकाल के अनुसार भारतीय अधिकारी नेपाल में सशस्त्र अंगरक्षक लेकर नहीं जा सकते और उसी तरह नेपाली अधिकारी भारत में सशस्त्र अंगरक्षकों के साथ नहीं प्रवेश कर सकते। नियमानुसार मेजबान देश को इस बारे में पूर्व में सूचना दी जाती है, उसके बाद वह सुरक्षा का बंदोबस्त करता है।
कथितरूप से आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे विवादास्पद विधायक ने अपने द्वारा खड़ा किए गए हालात तथा सुरक्षाकर्मियों के अनुरोध को दरकिनार करते हुए नेपाल में लगभग पांच घंटे बिताए।
खास बात यह कि आलम, नव वर्ष के शुरुआत में नेपाल में सूर्खियों में छाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वह भी ऐसे समय में जब नेपाल भारत से कम से कम 265,000 पर्यटकों की उम्मीद लगाए बैठा है। उसने इस वर्ष के लिए कुल 10 लाख पर्यटकों का लक्ष्य रखा है।
मई 2010 में भी एक भारतीय विधायक ने इसी तरह की संदिग्ध स्थिति पैदा की थी।
उत्तर प्रदेश से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की विधायक विद्या चौधरी ने सशस्त्र अंगरक्षकों सहित नेपाल में प्रवेश किया था। नेपाली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था और उन्हें कई घंटों तक हिरासत में रहना पड़ा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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