बुद्धदेव को पत्र लिखना चिदम्बरम का कर्तव्य था : प्रणब
कोलकाता, 1 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के नाते यह पी. चिदम्बरम का कर्तव्य है कि वह राज्यों को पत्र लिखें जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है। इसी क्रम में उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को पत्र लिखा था।
मुखर्जी ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, "इसे लेकर आखिर विवाद क्या है। केंद्रीय गृह मंत्री ने पत्र लिखा है और मुख्यमंत्री को इसका जवाब लिखना चाहिए। इसे लेकर तो कोई विवाद नहीं होना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "यदि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है तो यह गृह मंत्री का कर्तव्य है कि वह उचित कदम उठाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखे। केंद्रीय गृह मंत्री ने सिर्फ अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वाह किया है।"
मुखर्जी ने कहा, "मुख्यमंत्री का कर्तव्य केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा पत्र में उठाए गए मुद्दों का जवाब देना है।"
चिदम्बरम के पत्र में हरमद शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बारे में पूछने पर मुखर्जी ने कहा, "इसके बारे में मुझसे मत पूछिए। उनसे पूछिए जिन्होंने इसका इस्तेमाल किया है और जो इसका जवाब दे रहे हैं।"
उल्लेखनीय है कि बुद्धदेव को लिखे पत्र में चिदम्बरम ने कहा था, 'इस बात के प्रमाण मिले हैं कि हरमद कैंप अधिकतर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कर्यालयों और माकपा के स्थानीय कार्यकर्ता के घरों में चलते हैं। यह चिंता की बात है कि कार्यकताओं को हथियार दिए गए हैं।'
मुख्यमंत्री 'हरमद' शब्द के इस्तेमाल से चिढ़ गए और उन्होंने इसका अर्थ 'किराए का हत्यारा' लगाया तथा चिदम्बरम को कड़े शब्दों में जवाब लिखा कि वे तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा गढ़े शब्द का बिना अर्थ जाने इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्होंने माकपा कार्यकताओं को हरमद (किराए का हत्यारा) बताने के लिए कड़ी आपत्ति जताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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