ब्राउन वायुसेना के नए उप प्रमुख (लीड-1)
ब्राउन के पास हंटर, मिग 21 के सभी संस्करणों, जगुआर और एसयू 30के सहित विभिन्न लड़ाकू विमानों को उड़ाने का अनुभव है। इसके पहले वह आईएएफ के सबसे बड़े और अत्यधिक महत्वपूर्ण परिचालन कमान दिल्ली स्थित पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे।
भारत के उत्तरी क्षेत्र में सैन्य विमानन की आधारभूत संरचना में विकास, नए उपकरणों के शीघ्र संचालन के अलावा वायु सैनिकों के लिए उल्लेखनीय काम करने का श्रेय ब्राउन को दिया जाता है।
आईएएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि ब्राउन की 'व्यक्तिगत निरीक्षण और आदेश' के चलते ही वर्ष 2009 में लद्दाख के नयोमा में पहली बार लड़ाकू विमान उतारना संभव हो सका।
उन्होंने यहां वायु सेना मुख्यालय में कार्यभार संभालने से पहले अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक्र चढ़ाया।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के विद्यार्थी रहे एयर मार्शल ब्राउन, 'टैक्टिक्स एंड कम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट' (टीएसीडीई) और 'डिफेंस सर्विसिज स्टाफ कॉलेज' (डीएसएससी), वेलिंग्टन में बतौर प्रशिक्षक भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
उन्होंने जगुआर विमान पर ब्रिटेन में रॉयल एयर फोर्स (आएएफ) के साथ प्रशिक्षण भी लिया हुआ है और साथ ही एक जगुआर स्क्वोड्रन का नेतृत्व भी किया है।
ब्राउन को उनकी सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और वायु सेना पदक (वीएम) से सम्मानित किया जा चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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