'आईएसआई ने हेडली को किया था भर्ती'
वेबसाइट प्रोपब्लिका डॉट ओआरजी की रिपोर्ट में पहली बार आईएसआई के 'दोहरे चरित्र' के बारे में विस्तार से बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि आईएसआई आतंकवाद से लड़ने के लिए अमेरिका का सहयोग कर रही है, वहीं दूसरी ओर वह पाकिस्तानी हितों के लिए कुछ चयनित आतंकी समूहों का समर्थन भी करती है।
गत 26 नवंबर 2008 को मुम्बई के आतंकी हमलों की अमेरिकी जांच में यह बात पक्की हुई कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा आतंकी साजिश रचने में आईएसआई के अधिकारियों ने उनका सहयोग किया।
अमेरिकी और भारतीय जांचकर्ताओं का कहना है कि हेडली के कबूलनामे, दस्तावेजों और बातचीत के टेप इशारा करते हैं कि आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा के बीच एक गठबंधन है।
वेबसाइट के मुताबिक दोनों देशों के अधिकारियों का कहना है कि उनकी यह धारणा मजबूत हुई कि आईएसआई अधिकारियों ने मुम्बई और अन्य जगहों पर हमले के स्थानों का चुनाव करने के लिए हेडली को जासूसी का प्रशिक्षण दिया। आईएसआई ने उसे धन भी मुहैया कराया।
अमेरिकी हिरासत में मौजूद हेडली ने भारतीय अधिकारियों को पूछताछ में बताया कि पाकिस्तानी नौसेना ने मुम्बई पर समुद्र के रास्ते हमला करने की योजना में मदद दी।
आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा के बीच सम्बंध से पाकिस्तान ने इंकार किया है। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, "भारतीय जांच दल की ओर से पाकिस्तान के प्रति यह पुराना जवाब है।"
उन्होंने कहा, "भारतीय जांच का निष्कर्ष पूरी तरह मनगढ़ंत है और इसे तोड़ मोड़ कर पेश किया गया है। इन हमलों में न तो आईएसआई शामिल है और न ही इसका कोई वर्तमान अधिकारी हेडली या हमले के साजिशकर्ताओं से जुड़ा है।"
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी जांचकर्ता हेडली के बयानों को ज्यादा विश्वनीय मानते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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