श्रीकृष्णा समिति सदस्य की टिप्पणी पर भड़के तेलंगाना नेता
वरिष्ठ तेदेपा नेता एवं तेदेपा तेलंगाना फोरम के संयोजक नगम जनार्दन रेड्डी ने शनिवार को कहा कि टिप्पणी उकसाने वाली है तथा इससे तेलंगाना के लोगों को आघात पहुंचा है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "समिति के कुछ सदस्यों ने कहा कि मुस्लिम और ईसाई विकास चाहते हैं। हां, वे विकास चाहते हैं, लेकिन पृथक तेलंगाना राज्य में।"
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि श्रीकृष्णा समिति ने तेलंगाना राज्य गठन के विरुद्ध संस्तुति दी तो क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ेगा। रेड्डी ने कहा, "यदि रिपोर्ट तेलंगाना के विरोध में आई तो समूचा क्षेत्र छह जनवरी की शाम शोले की तरह धधक उठेगा, क्योंकि लोग पृथक राज्य से कम कुछ भी मानने को राजी नहीं हैं।"
उनके अनुसार, क्षेत्र के तेदेपा नेता पृथक तेलंगाना राज्य हासिल करने के लिए किसी भी तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने मीडिया के एक धड़े से आई इस खबर से इंकार किया कि उन्होंने तेदेपा तेलंगाना फोरम के संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया है।
पार्टी के विधायकों ने कहा कि तेलंगाना राज्य गठित होने के बाद तेदेपा राष्ट्रीय पार्टी बन जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी.एन. कृष्णा के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय श्रीकृष्णा समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी थी। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम की विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठक के बाद रिपोर्ट छह जनवरी को सार्वजनिक की जाएगी।
केंद्र सरकार ने पृथक तेलंगाना राज्य के लिए लगातार चलाए गए आंदोलन के बाद इस समिति का गठन पिछले वर्ष फरवरी में किया था।
तेलंगाना राज्य के लिए संघर्ष करने वाले विभिन्न संगठनों एवं क्षेत्र के कांग्रेस तथा तेदेपा नेता केंद्र सरकार से अपील कर रहे हैं कि वह तेलंगाना राज्य गठन की प्रक्रिया शुरू करने सम्बंधी नौ दिसम्बर, 2009 को किया अपना वादा पूरा करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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