भारत में स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण केंद्रों की कमी
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। देश में स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण चिकित्सा बहुत किफायती होने के बावजूद लोगों को इसके लिए विदेश जाना पड़ता है। स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण केंद्रों की कमी और समर्पित चिकित्सकों का न होना मरीजों और उनके घर वालों के लिए भारी पड़ रहा है।
स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें क्षतिग्रस्त या बीमार ऊतकों के इलाज के लिए उनमें नई कोशिकाएं प्रत्यारोपित की जाती हैं। यह विधि कैंसर सहित विविध प्रकार की बीमारियों के इलाज में कारगर सिद्ध हुई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रोफेसर ललित कुमार ने यहां बताया कि भारत में महज 10-11 स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण केंद्र हैं।
कुमार ने आईएएनएस को बताया कि विदेशों में स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण विधि से इलाज कराने में एक करोड़ रुपये (करीब 223,000 डॉलर) का खर्च आता है और मरीज को पूरा पैसा इलाज से पहले ही जमा करने के लिए कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि इसकी तुलना में भारत के निजी अस्पतालों में 10-20 लाख में ही स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण हो जाता है। इलाज का खर्च मरीज की बीमारी के मुताबिक होता है और इसमें तीन से छह लाख तक कम या ज्यादा खर्च आ सकता है।
कुमार के मुताबिक स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण विधि से विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज में 50 प्रतिशत तक सफलता मिलती है जबकि अन्य बीमारियों में भी यह इलाज बेहद कारगर है।
दिल्ली में एम्स व सैन्य अस्पताल में ही स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है। मुम्बई में टाटा मेमोरियल सेंटर व जसलोक अस्पताल, तमिलनाडु के वेल्लोर में सीएमसी में यह इलाज उपलब्ध है। कुमार ने बताया कि दुनियाभर में स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण के 500 से ज्यादा केंद्र हैं।
कुमार कहते हैं, "भारत में एक साल में करीब 500 स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण होते हैं, आवश्यकता के अनुरूप यह संख्या बहुत कम है। हमें भारत में इस तरह के और केंद्रों की आवश्यकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications