धान खरीद के नियमों में ढील चाहता है उड़ीसा
प्रदेश में वर्ष 2010 में कई इलाकों में सूखे और असमय बारिश के कारण धान की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "हमने केंद्र सरकार से धान और चावल दोनों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में कमी किए बिना खरीद के नियमों में ढील दिए जाने की मांग की है।"
उन्होंने कहा, "इससे किसानों को संकट से निजात मिलेगी।" केंद्र सरकार पंजाब और आंध्रप्रदेश को इस संबंध में पहले ही छूट दे चुकी है।
उड़ीसा में देश के धान उत्पादन के 10वें हिस्से की पैदावार होती है। प्रदेश में करीब 40 लाख हेक्टेयर जमीन पर धान की पैदावार होती है।
अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में करीब 11,000 गांवों में सात लाख हेक्टेयर में धान की 50 फीसदी से ज्यादा फसल सूखे के कारण खराब हो गई। उन्होंने कहा, "कुल 4,000 करोड़ रुपये की फसल के नुकसान का अनुमान है।"
उन्होंने कहा, "हमने केंद्र सरकार से कृषि लागत सब्सिडी भी बढ़ाने की मांग की है क्योंकि इसकी मौजूदा दरें अपर्याप्त हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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