चीन को महाशक्ति नहीं मानते ज्यादातर चीनी नागरिक
सर्वेक्षण के अनुसार चीन के केवल 12 फीसदी लोगों का मानना है कि उनका देश विश्व की एक महाशक्ति है।
समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' ने बीजिंग, शंघाई, क्वोंग्चो, वुहान और चोंगकिंग शहरों में 1,488 लोगों से टेलीफोन बातचीत के आधार पर यह सर्वेक्षण किया।
सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 57 फीसदी लोगों ने कहा कि चीन ब्रिक समूह देशों (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) में सबसे तेजी से उभरता हुआ देश है लेकिन घूमने के लिहाज से ज्यादातर लोगों ने अमेरिका को अपना पंसदीदा देश बताया।
सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले आधे से अधिक प्रतिभागियों का मानना है कि वर्ष 2010 में 'शंघाई वर्ल्ड एक्सपो' से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन की साख बढ़ी है। वहीं 60 फीसदी से अधिक लोगों का कहना है कि भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से देश की छवि धूमिल हुई है।
अन्य देशों के साथ सम्बंधों को लेकर चीनी जनता में सकारामत्क विचार देखने को मिले। 84 फीसदी लोगों का मानना है कि भविष्य में दुनिया के विभिन्न देशों के साथ चीन के रिश्तों में सुधार आएगा।
'फूडान यूनिवर्सिटी' में अमेरिका अध्ययन केंद्र के उप निदेशक वू जिनबो ने कहा,"सर्वेक्षण के नतीजों से लगता है कि चीनी लोग मुद्दों को लेकर ज्यादा मुखर हुए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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