आरबीआई ईरान भुगतान संकट का जल्द चाहता है समाधान

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के. सी. चक्रवर्ती ने संवाददाताओं से कहा कि हमें भुगतान संकट का जल्द समाधान निकालना होगा। यह एक अंतर्राष्ट्रीय समस्या है। सिर्फ ईरान और भारत के बीच की बात नहीं है।

दरअसल सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय तेल विपणन कम्पनियों को ईरान से खरीदे गए तेल और गैस का 'एशियन क्लियरिंग यूनियन (एसीयू)' के जरिए भुगतान करने से मना किया है।

एसीयू एशिया के कुछ सदस्य देशों के केंद्रीय बैंकों का संगठन है, जिसके जरिए सदस्य आपसी मौद्रिक मसलों का समाधान करते हैं। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और ईरान इसके सदस्य हैं।

बेंगलु़रू में एक बैंक के एक सम्मेलन के दौरान चक्रवर्ती ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों और केंद्रीय बैंकों को मिलकर इस मसले का समाधान करना होगा, क्योंकि कारोबारियों को यह पता होना चाहिए कि भुगतान कैसे करना है।

इसी मामले में पेट्रोलियम मंत्री एस. सुंदरेशन ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि आरबीआई और ईरान के केंद्रीय बैंक के अधिकारीगण शुक्रवार को मुम्बई में मिलने वाले हैं।

सुंदरेशन ने कहा कि वित्त मंत्रालय इस मसले पर विचार कर रहा है। एक-दो दिन में भुगतान का तरीका तय हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि भुगतान किसी भी मुद्रा में हो सकता है। इसके लिए जापानी येन या देश की अपनी मुद्रा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

अमेरिका ने बुधवार को ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ लेन देन कम करने के लिए आरबीआई की सराहना की है।

आरबीआई द्वारा अपने जरिए लेन देन करने से कारोबारियों को मना करने से पहले अमेरिका और यूरोप के केंद्रीय बैंकों ने भी ईरान से ईंधन की आपूर्ति के भुगतान से खुद को अलग कर लिया है।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर कॉरपोरेशन बैंक के एक कार्यक्रम में एक दिन के लिए बेंगलुरू गए हुए थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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