कनेक्टर टूटने के कारण प्रक्षेपण हुआ विफल (लीड-1)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि रॉकेट के अगले हिस्से में लगे कम्प्यूटर के कमांड सिग्नल को पहले चरण में चार स्ट्रैप-ऑन मोटर के कंट्रोल इलेक्ट्रोनिक्स तक ले जाने वाले दस कनेक्टर के टूटने के कारण 36 ट्रांसपोंडर वाले उपग्रह को ले जा रहे जीएसएलवी रॉकेट का प्रक्षेपण विफल हो गया था।

ये कनेकटर रूस में बने क्रायोजेनिक इंजन के नीचे लगे होते हैं। ये क्रायोजेनिक इंजन 418 टन भारी जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच वेहिकल (जीएसएलवी-एफ06) रॉकेट के ऊपरी/तीसरे चरण में लगा था।

इन कनेक्टरों को शनिवार को शाम 4.04 बजे रॉकेट के प्रक्षेपण होने 292 सेकेंड (4.87 मिनट) बाद रॉकेट के अगले हिस्से पर लगे कम्प्यूटर से अलग होने का निर्देश मिलने के बाद अलग होना था।

समय से पहले कनेक्टर टूटने के कारण प्रक्षेपण के पहले चरण में रॉकेट के कम्प्यूटर से मिलने वाले संदेशों का संचार ठप्प हो गया। इसके कारण रॉकेट का संतुलन बिगड़ गया और यह टूट गया।

इसरो ने कहा कि संभव है कि ये कनेक्टर कम्पन या गति से उपजे दबाव जैसे बाहरी कारणों से टूटे हों, हालांकि इसके बारे में सटीक तरीके से कुछ भी कहने के लिए और विश्लेषण करने की जरूरत है।

इसरो के एक पूर्व रॉकेट वैज्ञानिक आर. वी. पेरुमल ने आईएएनएस से कहा कि ये कनेक्टर मानवों के रीढ़ के जोड़ की तरह होते हैं। कनेक्टर का टूटना उसी तरह है जैसे मानव में इस जोड़ को अलग कर देना।

बहरहाल रॉकेट के असफल होने के बाद इसरो ने एक निर्देश भेजकर रॉकेट को हवा में नष्ट कर दिया था।

अभियान के असफल होने के बाद इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नैयर की अध्यक्षता में रॉकेट की असफलता के कारणों का पता लगाने के लिए एक दल का गठन किया गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+