प्रणब ने ली पहली वित्तीय परिषद की बैठक
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव और भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष सी. बी. भावे भी मौजूद थे। बैठक में विनिमय दर और यूरोपीय संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद बयान में कहा गया कि मुद्रा के विनिमय दर का भारत पर असर पड़ सकता है। मुद्रा की कीमत को कृत्रिम तरीके से कम करने की कोशिशों का भारतीय कम्पनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
परिषद ने कुछ विकसित देशों की संरक्षणवाद की नीति पर भी चिंता जाहिर की। इसमें कहा गया कि यदि ये देश संरक्षणवादी कदम उठाएंगे, तो इसका पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
एफएसडीसी में देश की सभी नियामक संस्थाएं सदस्य हैं और केंद्रीय गृहमंत्री इसके अध्यक्ष हैं।
यह परिषद वित्तीय स्थायित्व, नियामकों के बीच तालमेल पर विचार करने के साथ-साथ वित्तीय संस्थाओं की गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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