मीरा को उम्मीद, निर्बाध चलेगा बजट सत्र (लीड-1)
नई दिल्ली, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग को लेकर जारी गतिरोध को दूर करने के मकसद से सरकार और विपक्षी दलों के बीच दो दिन चली वार्ता का यूं तो कोई हल नहीं निकला, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा है कि विपक्षी नेताओं ने वादा किया है कि वे संसद के बजट सत्र को बाधित नहीं करेंगे।
दूसरे दिन शुक्रवार को सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद मीरा कुमार ने कहा कि शीतकालीन सत्र (9 नवम्बर से 13 दिसम्बर) के दौरान जेपीसी की मांग को लेकर जिस तरह प्रतिदिन कार्यवाही बाधित की गई, दोनों पक्ष उसे दोहराना नहीं चाहते हैं।
सूत्रों के अनुसार मीरा के आवास पर शुक्रवार को दोपहर भोज के अवसर पर आयोजित बैठक में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), जनता दल (युनाइटेड), आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके), तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता शामिल हुए। तृष्णमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने बैठक में भाग नहीं लिया।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल भी बैठक में उपस्थित थे।
लोकसभाध्यक्ष ने कहा कि समाधान तलाशने के लिए दोनों पक्ष फिर एक साथ बैठक करेंगे।
उन्होंने कहा, "सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया कि आगामी सत्र को निर्बाध चलने दिया जाए। उन्होंने पिछले सत्र में संसद की कार्यवाही नहीं चल पाने पर गहरा दुख जताया और कहा कि वे नहीं चाहते कि इसे फिर से दोहराया जाए। वे समाधान ढूंढ़ने के लिए फिर एक साथ बैठक करेंगे।"
जनता दल (युनाइटेड) नेता एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने बाद में कहा कि बैठक में वाम दलों सहित समूचे विपक्ष ने जेपीसी की मांग पर जोर दिया।
मीरा ने इसके पहले गुरुवार को भाजपा को भोज पर बुलाया था, लेकिन इस दौरान भाजपा नेता जेपीसी की मांग पर अड़े रहे।
गुरुवार की बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज उपस्थित थे। सरकार की ओर से वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री वी.नारायणसामी बैठक में उपस्थित थे।
मीरा कुमार ने हालांकि उम्मीद जताई थी कि सरकार और विपक्षी दलों के बीच वार्ता से जेपीसी की मांग को लेकर जारी गतिरोध दूर हो सकेगा।
इस बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कुमार ने कहा था, "मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि हमारा लोकतंत्र बहुत ही परिपक्व है। इसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन सत्ताधारी दल के नेता और विपक्ष के नेता संसद की कार्यवाही सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया कि वामपंथी दलों की राय स्पष्ट है कि देश के सबसे बड़े इस घोटाले की जांच के लिए जेपीसी गठित हो। बगैर जेपीसी के इसकी विस्तृत जांच सम्भव नहीं है।
ज्ञात हो कि कुमार ने इससे पहले भी संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी लेकिन वह उसमें सफल नहीं रही थीं।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह प्रणब मुखर्जी ने जेपीसी मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने का सुझाव दिया था, लेकिन विपक्ष ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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