ईरान भुगतान संकट : भारत का अमेरिकी दबाव से इंकार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ एशियन क्लियरेंस यूनियन (एसीयू) की प्रक्रियाओं के तहत वित्तीय लेन-देन में आने वाली समस्याओं के बारे में खबरें देखी हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक तकनीकी मसला है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने खुद को इससे अलग कर लिया है।
उन्होंने कहा कि इस मसले के जल्द समाधान की कोशिश की जा रही है और भारत के किसी भी देश के दबाव में होकर कदम उठाने का सवाल ही नहीं उठता है।
आरबीआई द्वारा तेल आयातकों को ईरान को भुगतान करने के लिए एसीयू का इस्तेमाल न करने की घोषणा करने के बाद पेट्रोलियम सचिव एस. सुंदरेशन ने गुरुवार को कहा था कि वैकल्पि व्यवस्था की कोशिश की जा रही है। लेन देन किसी भी अन्य मुद्रा में हो सकती है। यह जापानी मुद्रा येन, या देश की अपनी मुद्रा में भी हो सकती है।
एसीयू का मुख्यालय ईरान में है, इसके तहत सदस्य देश लेनदेन के लिए डॉलर या यूरो का उपयोग करते हैं।
एक बयान जारी कर गुरुवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया था कि ईरान भुगतान संकट पर अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा है और देश की सरकार उसके दबाव के सामने झुक रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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