राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति का नववर्ष पर देशावासियों को शुभकमनाएं (लीड-2)
देश और देश के बाहर रह रहे लोगों को शुभकामनाएं देते हुए पाटील ने कहा, "आइए नव वर्ष पर वर्तमान दशक की रोमांचक चुनौतियों से निपटने तथा अपने लोगों के बीच एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए काम करने का संकल्प लें।"
पाटील ने कहा, "यह वर्ष हमारी जनता के लिए चहुंमुखी प्रगति, शांति व सद्भाव लेकर आए।"
उप राष्ट्रपति अंसारी ने अपने संदेश में कहा, "आने वाला नव वर्ष हमेशा नई उम्मीद लेकर आता है। शांतिपूर्ण और समृद्ध भारत का निर्माण केवल एक साथ मिलकर कार्य करने, दृढ़ संकल्प और एकता से ही किया सकेगा।"
देशभर में साल 2010 को विदाई देने और नूतन वर्ष, 2011 के अभिनंदन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कहीं पर लोग होटलों, रेस्तरांओं, नाइट क्लबों में जश्न मनाएंगे तो कुछ शिमला या गुलमर्ग जैसे स्थानों पर हिमपात के बीच नव वर्ष का स्वागत करने को तैयार हैं।
जम्मू एवं कश्मीर में चार महीने तक प्रदर्शनों और हिंसा का दौर जारी रहने के बावजूद पर्यटन स्थल गुलमर्ग में शुक्रवार को नए साल का जश्न मनाने के लिए तकरीबन 500 पर्यटक पहुंचे। यहां फिलहाल ताजा बर्फबारी हुई है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी में पिछले आठ साल में पहली बार नव वर्ष की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को हिमपात हुआ। सैलानी तीन-चार दिन तक ही बर्फ की इस चादर का आनंद ले सकेंगे। शिमला के अलावा उसके नजदीकी पर्यटक स्थलों कुफ्री, फागू, नालदेहरा और नारकांडा भी बर्फ से ढक गए हैं, यहां भी लोग नए साल के स्वागत के लिए इकट्ठे हुए हैं।
बिहार की राजधानी पटना में फूल और ग्रीटिंग कार्ड्स बेचने वाली जगहों पर लोगों का हुजूम है तो होटलों में डीजे नाइट व भारतीय और इटैलियन फूड तक की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पिकनिक स्थलों पर भी लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
पटना में नववर्ष के पहले दिन संजय गांधी जैविक उद्यान में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उद्यान में सुरक्षा के मद्देनजर छह से ज्यादा दंडाधिकारियों को नियुक्ति किया गया है। नव वर्ष के पहले दिन उद्यान में 20,000 से ज्यादा लोगों के आने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मध्य प्रदेश भी वर्ष 2010 को विदाई देने और 2011 के स्वागत के लिए तैयार है। लोग जश्न मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। यही कारण है कि इस मौके पर प्रदेश के पर्यटन स्थलों से लेकर होटलों, रेस्तरांओं ओर अन्य प्रमुख स्थानों पर आसानी से जगह मिलना मुश्किल हो गया है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के निवासी साल 2010 को अलविदा कहकर इक्कीसवीं सदी के एक नए दशक के स्वागत के लिए तैयार हैं। लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों के होटल, क्लब, वाटरपार्क और डिस्कोथेक में नए साल, 2011 के जश्न के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। कानपुर, इलाहबाद, वाराणसी जैसे शहरों के होटल और रेस्तरां नए साल के मौके पर पूरी तरह से भरे हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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