बारिश, हिमपात से नव वर्ष की पूर्व संध्या खुशगवार (राउंडअप)
उत्तर प्रदेश में लखनऊ सहित कई इलाकों में शुक्रवार सुबह रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम विभाग के निदेशक जे.पी.गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि बारिश का दौर अगले दो-तीन तक जारी रहने के आसार हैं।
बीते 24 घंटों में लखनऊ का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम था।
चण्डीगढ़ में दिसम्बर में हुई बारिश ने पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार दिसम्बर में यहां सबसे ज्यादा 58.1 मिलीमीटर बारिश हुई। बुधवार रात से शुक्रवार सुबह तक इतनी बरसात दर्ज की गई है।
इससे पहले दिसम्बर 2003 में यहां 15.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। पंजाब और हरियाणा के ज्यादातर इलाकों में भी गुरुवार सुबह से मध्यम से लेकर भारी बारिश हुई।
चण्डीगढ़ में शुक्रवार को भी बादल छाए रहे। यहां शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा है।
मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब और हरियाणा के ज्यादातर इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। इस वजह से मौसम साफ हो गया और तापमान बढ़ रहा है।"
हरियाणा के अम्बाला में शुक्रवार सुबह तक 32 मिलीमीटर बारिश और नो डिग्री सेल्सिस तापमान दर्ज किया गया।
करनाल में 16 मिलीमीटर बारिश हुई और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि हिसार में 20.2 मिलीमीटर बारिश और न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पंजाब के पटियाला में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना में 13.4 मिलीमीटर बारिश हुई और न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अमृतसर में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो उत्तर-पश्चिम पंजाब के इस इलाके के दिसम्बर आखिर के सामान्य तापमान से चार डिग्री ऊपर है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी में पिछले आठ साल में पहली बार नव वर्ष की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को हिमपात हुआ, लेकिन मौसम विज्ञान कार्यालय का कहना है कि सैलानी तीन-चार दिन तक ही बर्फ की इस चादर का आनंद ले सकेंगे।
मौसम विज्ञान कार्यालय के मुताबिक इससे पहले 1990, 1995, 2000 और 2002 में नव वर्ष की पूर्व संध्या पर हिमपात हुआ था।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शिमला में हल्का हिमपात हुआ है, लेकिन मध्य एशिया में कैस्पियन सागर पर पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बनने और इसके अफगानिस्तान-पाकिस्तान की ओर बढ़ने के कारण और अधिक हिमपात होने की सम्भावना कम है। वैसे अगले तीन से चार दिन तक बर्फ की चादर बनी रहने का अनुमान है।
मौसम विज्ञान कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया, "इस क्षेत्र से पश्चिमी विक्षोभ हट रहा है और शनिवार तक आकाश साफ हो जाएगा।"
उन्होंने कहा, "अगले तीन से चार दिन तक बर्फ की चादर छाई रहेगी क्योंकि बारिश और हिमपात से तापमान में कमी दर्ज की गई है। वैसे बहुत अधिक बर्फ जमा नहीं हुई है इसलिए यह लम्बी अवधि तक नहीं रहेगी।"
उधर, भारी हिमपात के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरे दिन, शुक्रवार को भी बंद रहा। खराब मौसम के कारण पूरी कश्मीर घाटी में जन-जीवन प्रभावित रहा।
यातायात विभाग के एक अधिकारी ने यहां बताया, "श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग के बनिहाल इलाके में सड़क पर चार फुट तक बर्फ जमी हुई है। सीमा सड़क संगठन राजमार्ग को दोबारा शुरू करने के लिए प्रयासरत है।"
वैसे उन्होंने बताया कि पूरे 300 किलोमीटर लम्बे राजमार्ग पर कहीं भी यात्री गाड़ी नहीं फंसी हुई है।
उन्होंने कहा, "घाटी में जरूरत के सामान की आपूर्ति के लिए जा रहे तीन दर्जन से अधिक ट्रकों को राजमार्ग से लगे विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर खड़ा किया गया है जबकि पूरे राजमार्ग पर कहीं भी कोई यात्री गाड़ी नहीं फंसी है।"
मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार सुबह तक पूरी घाटी में भारी हिमपात होगा। शुक्रवार को यहां न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि घाटी के सभी राजमार्गो और सड़कों पर जमी बर्फ को हटाने के लिए वहां उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह श्रीनगर के उपनगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर बहुत कम वाहन दिखे।
पूरी कश्मीर घाटी के लोग बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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