बेनजीर की हत्या की साजिश ब्रिगेडियर के घर रची गई थी
समाचार पत्र 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक पाकिस्तान के गृह मंत्रालय द्वारा कराई गई जांच में भुट्टो की हत्या में ब्रिगेडियर के अलावा आठ अन्य लोगों को भी शामिल बताया गया है।
जांच की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और यह गृह मंत्री रहमान मलिक के पास सुरक्षित है। भुट्टो के पति और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भी यह रिपोर्ट दिखाया गया है।
भुट्टो की हत्या 27 दिसंबर, 2007 को पाकिस्तान की पुरानी राजधानी रावलपिंडी में एक रैली से लौटने के दौरान हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में एक किशोर की भुट्टो की ओर निशाना बनाते हुए तस्वीर मिली थी। उसके बाद एक आत्मघाती विस्फोट में रैली में शामिल 24 लोगों की मौत हो गई थी।
तत्कालीन गृहमंत्री ने भुट्टो की हत्या में तालिबान आतंकवादियों का हाथ होने की बात कही थी, जबकि डॉक्टर ने कहा था कि कार की छत के किसी वोल्ट से सिर टकराने से उनकी मौत हुई थी।
जरदारी ने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक होने से रोक रखा था, ताकि सेना अधिकारियों को गिरफ्तार करने से पहले सेना को विश्वास में लिया जाए। हत्या में शामिल नौ में से पांच लोग अभी भी जीवित हैं, जबकि चार की मौत हो चुकी है। पांच जीवित लोगों ने हत्यारे की व्यवस्था की थी और उसे रहने की जगह दिलाई थी। चार मृतकों में वे भी हैं, जिन्हें भुट्टो को मारने के लिए भेजा गया था।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून में कहा गया है कि जांच दल को हत्या के दिन संवाद कायम करने के लिए इस्तेमाल किए गए दो सिमकार्ड भी मिले हैं।
मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि नौ लोगों की भूमिका स्पष्ट होने और मुख्य साजिशकर्ता के पकड़ में आने के बाद फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने जनरल परवेज मुशर्रफ से पूछताछ के लिए प्रश्नों की एक पूरी सूची तैयार की है।
जरदारी पहले इस जांच रिपोर्ट की बेनजीर की हत्या की तीसरी सालगिरह पर सार्वजनिक करना चाहते थे, लेकिन कुछ सोचकर उन्होंने तब इसे रोक लिया था।
मलिक, जिन पर तब भुट्टो की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, ने टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि मामला अदालत में है।
इंडो-एशियन न्यूज एजेंसी।


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