कूटबद्ध संदेशों की निगरानी नहीं कर सकता भारत : ब्लैकबेरी

टोरंटो, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत सरकार को अपने कूटबद्ध संदेश प्रसारित करने वाली सेवाओं की निगरानी उपलब्ध कराने से सम्बंधित खबरों को खारिज करते हुए ब्लैकबेरी फोन निर्माता कम्पनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने गुरुवार को कहा कि उसके कूटबद्ध संदेशों को सामान्य भाषा में बदलना 'तकनीकि रूप से व्यवहार्य' नहीं है।

अगस्त महीने में आरआईएम को सरकार की ओर से दो बार चेतावनी मिली थी और कम्पनी ने सरकार को 31 जनवरी तक इस मसले का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। कम्पनी अपनी सेवाओं में निजता की विशेषता को खत्म नहीं करना चाहती। कम्पनी की इसी विशेषता के कारण उद्योगपति और पेशेवर इस सेवा को बेहद पसंद करते हैं।

आरआईएम ने कनाडाई प्रेस से कहा, "यदि आपका मानना है कि कोई कम्पनी के व्यापारिक सर्वर से प्रसारित होने वाले संदेशों की निगरानी कर सकता है तो यह सोचना पूरी तरह से गलत है और तकनीकी रूप से अव्यवहार्य है।"

"यह कोई नई जानकारी नहीं है कि आरआईएम ने लगातार इस बात का आश्वासन दिया है कि वह भारत सरकार को आरआईएम की अन्य प्रतिस्पर्धी कम्पनियों द्वारा दी जा रही छूट के अनुरूप ही अपनी सेवाओं की निगरानी की छूट देगी।"

आरआईएम पहले भी कह चुकी है कि अपनी सेवाओं की निगरानी उपलब्ध कराने के लिए उसके पास कोई तरीका नहीं है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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