ब्राजील की निर्वाचित राष्ट्रपति ने जेल के साथियों को आमंत्रित किया
ब्रासीलिया, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। ब्राजील की निर्वाचित राष्ट्रपति दिलमा रौसेफ ने इस सप्ताह होने वाले अपने पदग्रहण समारोह में उन 11 महिलाओं को आमंत्रित किया है, जिनके साथ उन्होंने पूरे तीन साल जेल की कोठरी में बिताए थे। रौसेफ को उन समूहों के साथ सम्बंध रखने के कारण जेल जाना पड़ा था, जिन्होंने तानाशाही के खिलाफ हथियार उठाया था।
समाचार एजेंसी ईएफई के अनुसार दैनिक समाचार पत्र, 'ओ ग्लोबो' द्वारा प्रकाशित एक साक्षात्कार में पत्रकार रोज नॉगेरिया ने कहा है, "जेल में दिलमा की पहले से एक मजबूत उपस्थिति थी, वह पहले से एक नेता बन चुकी थीं और उन्होंने वहां मजबूत एकता दिखाई थी।" नॉगेरिया 1970 से 1972 के बीच रौसेफ के साथ जेल में थीं।
ये सभी 11 महिलाएं उस समूह से सम्बंधित हैं, जो रौसेफ का करीबी है। रौसेफ ने इस समूह को अपने पदग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है। रौसेफ राष्ट्रपति लुईज इनेसियो लूला डीसिल्वा से कार्यभार ग्रहण करेंगी।
महिला बंदी गृह में कैद रहीं एक अन्य समाजवादी महिला, लेनिरा माचेडो ने 'ओ ग्लोबो' को बताया कि वह और रौसेफ, गुरिल्ला आंदोलन में हर किसी की भागीदारी के अलावा तानाशाही के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष लड़े जाने को लेकर सहमत थीं। महिला बंदी गृह उन दिनों 'टॉवर ऑफ द मैडेन्स' के नाम से चर्चित था।
माचेको ने कहा, "हमने सिर्फ साहसपूर्ण नहीं, बल्कि योजनाबद्ध सशस्त्र संघर्ष की वकालत की थी।"
रौसेफ को कोलिना और वीएआर-पाल्मर्स गुरिल्ला समूहों के साथ सम्बंध रखने के लिए प्रताड़ित किया गया था और जेल में कैद कर दिया गया था। लेकिन उन्होंने कहा है कि वास्तव में उन्होंने कभी हथियार नहीं उठाया था और न तो उन्होंने इन समूहों द्वारा की गई कार्रवाइयों में ही हिस्सा लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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