गूजरों ने कई रास्ते खोले, दूसरे दौर की वार्ता हुई

राजस्थान में आरक्षण की मांग पर आंदोलन कर रहे गूजर नेताओं और सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई है जिसे सकारात्मक बताया गया है. हालाँकि कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. सू्त्रों के मुताबिक अब तीसरे दौर की बातचीत संभव है.
गूजर नेताओं का ग्यारह लोगों का एक दल सरकार के वरिष्ठ अधिकारी जीएस संधू से हुई. सकारात्मक बात यह है कि लगभग सभी रेल और राजमार्ग खुल गए हैं और केवल दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग अब भी बंद है.
गूजर आंदोलन से पर्यटन उद्योग प्रभावित
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है. सरकार ने गूजर समुदाय की मांगे पहले ही स्वीकार कर ली थीं. जो कुछ भी सरकार के हाथ में था किया गया. अब सरकार अदालत के फ़ैसले की रौशनी में आगे कार्रवाई करेगी."
गूजर नेता डॉक्टर रूप सिंह ने बीबीसी को बताया, "भीम सिंह के नेतृत्व में एक दल करवारी गांव भेजा गया. सरकार पिछले दो दिन से गूजर नेताओ को बातचीत के लिए संदेश भेज रही थी."
पर्यवेक्षकों और कई गूजर नेता बताते हैं कि बातचीत के लिए दबाव इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि सरकार और पुलिस की ओर से कोई भड़काने वाली कार्रवाई नहीं हुई है.
बातचीत में हुई देरी पर गूजर नेता रूप सिंह ने कहा - 'कोई बात नहीं, देर आए, दुरुस्त आए.'
इस दौरान गूजर आंदोलनकारियों के तेवर ढीले पड़े हैं. लगभग दस दिन तक रेल मार्ग और कई सड़क मार्गों को जाम रखने के बाद गूजर नेताओं ने बुधवार को दिल्ली-जयपुर रेल मार्ग से अवरोध हटा लिए थे. इसके साथ ही जयपुर-आगरा रेल मार्ग पर भी ट्रैफ़िक बहाल हो गया था. गूजर नेताओं को अगले दौर की बातचीत के लिए मनाना सरकार के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.
गूजर नेताओं ने टोंक ज़िले में जयपुर-कोटा रेल मार्ग से भी अपना धरना हटा लिया है. इन मार्गों पर फिर से रेल गाड़ियो का परिचालन शुरु हो गया है.
मगर गूजर नेताओं ने मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर लोगों को राहत देने से इनकार कर दिया है.
इस बीच गूजर नेताओं ने दो दिन तक जाम लगाने के बाद जयुपर-जोधपुर, जयपुर-अहमदाबाद सडक मार्ग को भी यातायात के लिए खोल दिया है.
उधर भरतपुर के बीजेपी विधायक विजय बंसल ने गूजर समुदाय के पक्ष में गुरुवार को भरतपुर के बंद का आहवान किया है.


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