खाद्य महंगाई दर 10 सप्ताह के ऊच्चतम स्तर पर (राउंडअप)
प्याज, फल, सब्जियां, दूध, अंडा और मांस की कीमतों में जोरदार तेजी के चलते 18 दिसम्बर को समाप्त सप्ताह में खाद्य महंगाई दर बढ़कर ढाई महीने के उच्चतम स्तर 14.44 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे पहले के सप्ताह में यह 12.13 प्रतिशत थी।
केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय परिसर में संवाददाताओं से कहा कि "पहले हमने सोचा था कि बेस प्रभाव के कारण ऊंची महंगाई दर देखी जा रही है, लेकिन यह सिर्फ बेस प्रभाव के कारण नहीं है। कुछ वस्तुओं की कीमतों में वास्तव में वृद्धि हुई है।"
उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है और वे इस मामले की तह में जाएंगे।
उनहोंने कहा कि वे मासिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे अब भी इस बात पर कायम हैं कि साल की समाप्ति तक महंगाई दर घट कर 6.5 फीसदी तक पहुंच जाएगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित प्राथमिक क्षेत्र की वस्तुओं और ईंधन कीमतों के सूचकांक के आंकड़ों के मुताबिक खाद्य महंगाई दर में लगातार पांचवें सप्ताह वृद्धि हुई है। पिछले दो सप्ताह से यह दोहरे अंकों में बनी हुई है।
महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक क्षेत्रों में फसल खराब होने से प्याज के दामों में जोरदार तेजी आई है जिसका असर खाद्य महंगाई दर पर पड़ा है। प्याज की कीमतों में लगातार वृद्धि के चलते इसके निर्यात पर रोक लगाई गई है और इसे आयात शुल्क मुक्त कर दिया गया है।
पिछले साल के इसी सप्ताह के मुकाबले प्रमुख खाद्य पदार्थो की कीमतों में हुआ उतार-चढ़ाव निम्न है-
प्याज: 39.66 प्रतिशत
सब्जियां: 29.26 प्रतिशत
फल: 21.97 प्रतिशत
आलू: (-) 23.84 प्रतिशत
दूध: 17.75 प्रतिशत
अंडा, मांस, मछली: 20.34 प्रतिशत
मोटे अनाज: (-) 0.70 प्रतिशत
चावल: 0.73 प्रतिशत
गेहूं: (-) 5.51 प्रतिशत
दालें: (-) 10.79 प्रतिशत
मंगलवार को कीमतों पर मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने दालों के निर्यात पर अनिश्चित काल के लिए प्रतिबंद लगा दिया साथ ही सरकारी उचित दर दुकानों के माध्यम से बिक्री के लिए 50 लाख टन अतिरिक्त गेहूं और चावल जारी करने का फैसला लिया। मुखर्जी इस समूह के अध्यक्ष हैं।
पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक समीक्षा में महंगाई दर में गिरावट का अनुमान लगाते हुए अर्थव्यवस्था में तरलता का स्तर बनाए रखने के लिए विभिन्न दरों को जस का तस छोड़ दिया था।
नई दर को देखते हुए आरबीआई ने अगली समीक्षा में दरों में बढ़ोतरी का संकेत दे दिया है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा कि हमारे अनुमानों के मुताबिक महंगाई दर में गिरावट नहीं हो रही है। इसके ऊंचे दर पर रहने का जोखिम अभी भी बना हुआ है।
ऊंची महंगाई दर पर मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि नए साल पर केंद्र सरकार ने आम जनता को ऊंची दर का तोहफा दिया है।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि देश के अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जनता के साथ छल किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications