जेपीसी पर दूर नहीं हो सका गतिरोध (राउंडअप)
उल्लेखनीय है कि इस विवाद को लेकर जारी गतिरोध को दूर करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने अपने आवास पर केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की गुरुवार को वार्ता आयोजित की। भाजपा की ओर से इसमें गुरुवार को उसके वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज ने हिस्सा लिया जबकि केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल और संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी. नारायणसामी इसमें शामिल हुए।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने इस वार्ता में भाजपा की ओर से रखे गए पक्ष की जानकारी देते हुए बताया, "भाजपा नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे जेपीसी की अपनी मांग पर कायम हैं। हम अपनी मांग पर अडिग हैं।"
यह पूछे जाने पर कि लोकसभा अध्यक्ष ने गतिरोध दूर होने की उम्मीद जताई है, उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर। हम भी गतिरोध दूर होने की उम्मीद करते हैं। सरकार को इस मसले पर गहराई से सोचना चाहिए और कोई रास्ता निकालना चाहिए।"
कुमार ने हालांकि उम्मीद जताई कि सरकार और विपक्षी दलों के बीच वार्ता से जेपीसी की मांग को लेकर जारी गतिरोध दूर हो सकेगा।
वार्ता के बाद कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "इसे लेकर मैं बहुत आशावादी हूं कि कुछ सकारात्मक हल निकल कर सामने आएगा।"
इस बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कुमार ने कहा, "मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि हमारा लोकतंत्र बहुत ही परिपक्व है। इसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन सत्ताधारी दल के नेता और विपक्ष के नेता संसद की कार्यवाही सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है।"
वार्ता की अगली कड़ी में कुमार शुक्रवार को वामपंथी व अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करेंगी, जिसमें सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया कि वामपंथी दलों की राय स्पष्ट है कि देश के सबसे बड़े इस घोटाले की जांच के लिए जेपीसी गठित हो। बगैर जेपीसी के इसकी विस्तृत जांच सम्भव नहीं है।
ज्ञात हो कि कुमार ने इससे पहले भी संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी लेकिन वह उसमें सफल नहीं रही थीं।
इससे पहले, संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने यह स्पष्ट कर भाजपा को राहत की सांस लेने दी कि पार्टी के सदस्य के रूप में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी से जांच कराने की भाजपा की मांग का वह समर्थन भी करते हैं।
जोशी ने एक बयान में कहा, "पीएसी के अध्यक्ष होने के नाते मैं मानता हूं कि समिति को सरकार द्वारा खर्च किए जाने वाले जनता के पैसे का हिसाब करने और जवाबदेही तय करने के विस्तृत अधिकार प्राप्त हैं और मैं इस भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं।"
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पीएसी के अध्यक्ष की भूमिका में सामंजस्य लाने की कोशिश में जोशी ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी का सदस्य होने के नाते मैं भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए पार्टी की जेपीसी गठित किए जाने की मांग का पूरा समर्थन करता हूं। "
अपने बयान में जोशी ने 'भ्रष्टाचार के मुद्दों' पर चिंता जताई और जोर देकर कहा कि 'पीएसी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के आधार पर सरकारी खर्च के मामलों' को देखेगी।
उन्होंने कहा, "पीएसी का एक संवैधानिक अधिकार क्षेत्र है और इसके कामकाज को अच्छी तरह से बताया गया है। यह अपने दायरे और संसद के नियमों एवं प्रक्रिया के अनुरूप काम करेगी। यह जनता के प्रत्येक पैसे की जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications