आंध्र प्रदेश को मिलेगा कृष्णा नदी से सर्वाधिक जल (लीड-1)
सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार के नेतृत्व वाले न्यायाधिकरण ने जल विवाद पर यह फैसला किया। जल आवंटन को लेकर तीन राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से विवाद है।
कर्नाटक कृष्णा नदी पर बने अलमाटी बांध की ऊंचाई बढ़ाना चाहता है, जिसका विरोध आंध्र प्रदेश करता है। आंध्र प्रदेश का कहना है कि कर्नाटक के इस प्रस्ताव से पहले के न्यायाधिकरण के फैसले का अतिक्रमण होता है, जबकि कर्नाटक का कहना है कि योजना आयोग ने वर्ष 1978 में बांध की ऊंचाई 528 मीटर करने की स्वीकृति दी।
अधिकारियों के अनुसार आदेश को लागू कराने के मद्देनजर केंद्र सरकार तीन महीने बाद कृष्णा जल अनुपालन बोर्ड का गठन करेगी। न्यायाधिकरण के इस आदेश की समीक्षा वर्ष 2050 में की जा सकेगी, लेकिन मई 2011 के बाद फैसले के खिलाफ अपील दर्ज कराई जा सकती है।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश ने न्यायाधिकरण के इस फैसले का स्वागत किया है। जबकि महाराष्ट्र का कहना है कि इस फैसले में अच्छे और बुरे बिंदु हैं। इनके बारे में अध्ययन करने के बाद आधिकारिक रूप से टिप्पणी की जाएगी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने बेंगलुरू में पत्रकारों से कहा, "यह कर्नाटक के लिए ऐतिहासिक दिन है। राज्य को 911 टीएमसी जल दिया गया है जिसका सर्वोत्तम इस्तेमाल किया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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