पादरी ने संदेश में किया वेद का उल्लेख
पणजी, 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। गोवा के मुख्य पादरी फिलिप नेरी फेराओ ने नव वर्ष पर दिए अपने संदेश में प्राचीन हिंदू ग्रंथ सामवेद का जिक्र करते हुए 'मानव जाति की एकता' के महत्व की बात कही है।
उन्होंने गुरुवार को मीडिया में जारी हुए अपने संदेश में कहा कि लोगों का सच्चा और वास्तविक विकास इस बात के एहसास पर निर्भर करता है कि मानव जाति एक ही परिवार है जो अपने हित के लिए साथ में काम करती है।
फेराओ गोवा के कैथोलिक समाज के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता हैं। गोवा की ईसाई आबादी में 26 प्रतिशत कैथोलिक हैं। फेराओ के शब्दों में गोवा प्राचीन ग्रंथों के मुताबिक एक बड़े परिवार की तरह है।
फेराओ कहते हैं, "महा उपनिषद के छठे अध्याय के 72वें पद में कहा गया है कि पूरा विश्व एक बड़े परिवार, वसुधैव कुटुम्बकम की तरह है और गिरजाघरों ने अपने पूरे इतिहास में मानवजाति की एकता के सार्वभौमिक मूल्य की बात कही है।"
महा उपनिषद सामवेद का एक खण्ड है। सामवेद हिंदुत्व के चार पवित्र ग्रंथों में से एक है। अन्य ग्रंथ ऋग्वेद, अथर्ववेद और यजुर्वेद हैं।
महा उपनिषद और ईसा मसीह की शिक्षाओं की तुलना करते हुए फेराओ ने कहा कि मानव जाति की एकता यीशू की सबसे प्रमुख चिंता थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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