श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट पेश, चिदम्बरम न जताई शांति की उम्मीद (लीड-3)
रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद चिदम्बरम ने एक वक्तव्य में कहा कि छह जनवरी को रिपोर्ट सार्वजनिक करने से पहले प्रदेश के आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी.एन. श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली समिति ने गुरुवार दोपहर तीन बजे चिदम्बरम के नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में पृथक तेलंगाना की मांग पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।
रिपोर्ट के मद्देनजर आंध्र प्रदेश में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। चिदम्बरम ने कहा कि सुरक्षा बल अपने मुख्यालयों में ही रहेंगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि ताजा माहौल कायम रहेगा। मुझे नहीं लगता कि सुरक्षा बलों को तैनात करने की आवश्यकता पड़ेगी।"
चिदम्बरम ने मीडिया से अपील की है कि रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद उसे चैनलों पर उचित व निष्पक्ष ढंग से पेश किया जाए।
समिति के सदस्य व पूर्व गृह सचिव वी.के. दुग्गल ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि रिपोर्ट दो संस्करणों में है और उसमें सभी मुद्दों को समाहित किया गया है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद इसे इंटरनेट पर पढ़ा जा सकेगा।
रिपोर्ट सौंपे जाने के मद्देनजर बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पृथक तेलंगाना के मुद्दे पर वरिष्ठ मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया था।
फरवरी में गठित श्रीकृष्ण समिति को अन्य मुद्दों के अलावा आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना मुद्दे पर हुए आंदोलन के बाद की स्थितियों का जायजा लेने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
समिति ने लोगों के विचार जानने के लिए तेलंगाना क्षेत्र के सभी 23 जिलों का दौरा किया और राजनीतिक दलों, बुद्धिजीवियों, राजनेताओं और सेवानिवृत्त नौकरशाहों सहित करीब 100 समूहों से मुलाकात की थी।
इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने पृथक तेलंगाना के समर्थन या विरोध में हिस्सा लेने वालों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामले मंगलवार को ही वापस ले लिए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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