नक्सलियों ने बनाया 'शहीद स्मारक', मेले का किया आयोजन
सीतामढ़ी (बिहार), 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। बिहार के सीतामढ़ी जिले के रूनीसैदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में संदिग्ध नक्सलियों ने न केवल अपने 'शहीद' साथियों के लिए 'शहीद स्मारक' बनाया है बल्कि वहां पांच दिनों तक चलने वाले मेले का आयोजन कर पुलिस को सीधे चुनौती दे दी है।
ग्रामीणों के अनुसार गिधा गांव में एक मैदान में करीब 15 फुट ऊंचे बने इस 'शहीद स्मारक' पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के स्वयंभू जोनल कमांडर रवि जी उर्फ मैनुद्दीन समेत उन 17 नक्सलियों के नाम 'शहीदों' की सूची में लिखे गए हैं जिन्हें पुलिस महकमा नक्सली मान कर उनके समाज विरोधी कारनामों को कहने से नहीं अघाती।
'शहीद स्मारक' का उद्घाटन 28 दिसम्बर को किया गया और पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। यह मेला एक जनवरी तक चलेगा। गिधा गांव में मेले के कारण वहां की फिजा बदल गई है। मेले में नृत्य और संगीत के कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जिसे देखने के लिए प्रतिदिन हजारों लोग पहुंच रहे हैं।
नक्सलियों के डर से ग्रामीण कुछ भी खुलकर नहीं बता रहे परंतु दबे स्वर में ग्रामीण यह मानते हैं कि इस मेले का आयोजन पहली बार हुआ है और 'शहीद स्मारक' पर मंगलवार और बुधवार को लोगों ने 'शहीदों' को श्रद्धांजलि दी थी।
मेले में खौफ नाम की चीज नहीं है बल्कि श्रृंगार, खेलकूद सामग्री, गुब्बारे, खाने के लिए छोटे-छोटे होटल समेत तमाम तरह की दुकानें सजी हुई हैं। मेले के प्रवेश द्वार पर 'शहीद मेले में आगंतुकों को लाल सलाम' करते हुए अभिनंदन का बैनर लगाया गया है।
इसके अलावा मेला स्थल पर एक मंच भी बनाया गया है जहां से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहने का संकल्प, व्यवस्था में परिवर्तन लाने की बात कही जा रही है, नहीं तो परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी जा रही है। मंच पर से शहीद साथियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देने का भी संकल्प लिया जा रहा है।
इधर, इस मामले में पुलिस का कहना है कि पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। पुलिस उपाधीक्षक (सदर) आलोक कुमार कहते हैं कि गिधा गांव के आसपास नक्सली गतिविधियों की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही है। मेले और 'शहीद स्मारक' के विषय में पूछने पर उन्होंने कहा कि प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों को इस बात का पता लगाने के लिए कहा गया है कि किसकी जमीन पर स्मारक का निर्माण और मेले का आयोजन किया गया है।
बहरहाल, इस 'शहीद स्मारक' और मेले द्वारा नक्सलियों ने बिहार पुलिस को सीधे चुनौती दे दी है तो गिधा गांव के पास लोगों को पांच दिनों तक मनोरंजन का साधन उपलब्ध करा दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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