सिटी बैंक में 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार (लीड-2)
देश की अब तक की इस सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी का दो दिन पहले ही खुलासा हुआ था।
गुड़गांव पुलिस आयुक्त एस. एस. देशवाल ने पत्रकारों को बताया, "पुरी ने रात 12:30 बजे आत्मसमर्पण किया। उसे हिरासत में लिया गया है और आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि पुरी से पूछताछ के बाद कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
पुलिस के मुताबिक पुरी के खाते में हीरो समूह ने 200 करोड़ रुपये निवेश किए थे और 100 करोड़ रुपये अन्य व्यक्तिगत खाता धारकों ने जमा किए थे। पुरी ने इन पैसों को रेलिगेयर, ओकाया और बोनांजा सहित पांच प्रमुख ब्रोकरेज कम्पनियों में निवेश किया था।
पुरी ने कथित रूप से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निवेशकों को ज्यादा मुनाफा देने वाली फर्जी योजनाओं में पैसा लगाने के लिए आकर्षित किया। इसके लिए उसने सिटी बैंक में अपने पद का उपयोग किया।
सेबी ने पुरी द्वारा बताई गई योजनाओं की उपलब्धता से इंकार किया है।
बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर पुरी पर आरोप है कि उसने निवेशकों को पैसा दोगुना करके देने का वादा करके धोखाधड़ी की थी। नए बैंक खाते खोलने का काम मिलने के बाद से पुरी ने बैंक की जानकारी के बिना कई ग्राहकों को ठगा है। पुलिस और बैंक के सूत्रों ने बुधवार को धोखाधड़ी की कुल राशि 200 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया जो कि मंगलवार को पुलिस द्वारा बताए गए 100 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है।
मंगलवार को यह मामला सामने आने के बाद से वह फरार था।
गुड़गांव पुलिस आयुक्त ने बुधवार को इस मामले की जांच के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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