'मलिक को बेनजीर को बाहर देखने से रोकना चाहिए था'
रावलपिंडी के पूर्व पुलिस प्रमुख साद अजीज ने उनकी गिरफ्तारी के बाद से जारी हुए उनके पहले वक्तव्य में कहा है कि बेनजीर की सुरक्षा का जिम्मा मलिक पर था जो पुलिस के निकट सम्पर्क में थे और यह उनकी जिम्मेदारी थी कि वह उन्हें वाहन में खड़े होने और बाहर देखने से मना करते। मलिक के वकील ने बुधवार को उनका यह वक्तव्य पढ़कर सुनाया।
अजीज के वकील मलिक वहीद अंजुम का कहना है कि आधिकारिक सुरक्षा अधिकारी ने मलिक से कहा था कि लियाकत बाग से जाते समय बेनजीर को उनके वाहन से बाहर न आने दिया जाए क्योंकि शहर में नवाज शरीफ की रैली पर हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि बेनजीर ने पुलिस के सुरक्षा निर्देशों को माना होता तो वह आत्मघाती हमले में बच गई होतीं।
समाचार पत्र 'डॉन' ने अजीज के एक निकट सूत्र के हवाले से खबर दी है कि अजीज जल्दी ही ऐसे कुछ और लोगों के नामों का खुलासा करेंगे जिनके निर्देशों पर उस समय वह और अन्य शीर्ष पुलिस अधिकारी काम कर रहे थे।
गौरतलब है कि बेनजीर की हत्या 27 दिसम्बर, 2007 को हुई थी। वह रावलपिंडी में लियाकत बाग में एक चुनाव रैली को सम्बोधित करने के बाद वहां से वाहन से लौट रही थीं। सीसीटीवी कैमरे से मिले दृश्यों के मुताबिक एक शक्तिशाली आत्मघाती हमले से पहले एक किशोर ने बेनजीर के सिर को लक्ष्य करते हुए निशाना साधा था। आत्मघाती हमले में रैली में हिस्सा लेने वाले कम से कम 24 लोग मारे गए थे।
उस समय गृह मंत्रालय ने तालिबान पर बेनजीर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था जबकि चिकित्सकों का कहना था कि वह जिस वाहन में खड़ी थीं उसके लीवर से उनका सिर टकराने की वजह से उनकी मृत्यु हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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