दक्षिण कोरिया ने गैर परम्परागत युद्ध की आशंका जताई (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए श्वेत पत्र में कहा गया है कि उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की दो सीमाओं पर दूर तक मार करने वाली तोपें लगा रखी हैं जिनसे सियोल पर कभी भी अचानक बमबारी की जा सकती है और उसने एक नया शक्तिशाली टैंक 'स्टॉर्म टाइगर' भी तैनात किया है।
योनहैप समाचार एजेंसी के मुताबिक उप रक्षा मंत्री चांग क्वांग द्वितीय ने कहा है, "2008 के बाद से उत्तर कोरिया की विषम युद्ध क्षमताओं जैसे विशेष सेनाओं, तोपखानों और सामूहिक विनाश के हथियारों में लगातार वृद्धि हो रही है।"
सियोल के सैन्य अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया के पुराने पड़ चुके परम्परागत हथियार आधुनिक प्रौद्योगिक सम्पन्न दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेना से मुकाबला नहीं कर सकते इसलिए वे अपने हथियार और गैर परम्परागत हथियारों जैसे सस्ती मिसाइलों और विस्फोटकों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।
हर दूसरे साल जारी होने वाले श्वेत पत्र में कहा गया है कि 2008 से उत्तर कोरियाई सैनिकों की 11.9 लाख की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है जबकि उसके टैंकों की संख्या 3,900 से बढ़कर 4,100 हो गई है।
इस ताजा श्वेत पत्र में उत्तर कोरिया को एक 'शत्रु' करार दिया गया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा 2004 से जारी हुए श्वेत पत्रों में उत्तर कोरिया को 'गम्भीर खतरा' या 'सीधा और गम्भीर खतरा' बताया जाता रहा था जबकि 1995 से 2000 तक के श्वेत पत्रों में उसे 'प्रमुख शत्रु' बताया गया था।
मीडिया में जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ताजा श्वेत पत्र में कहा गया है, "उत्तर कोरिया पारम्परिक सैन्य क्षमताओं को बढ़ाकर और परमाणु हथियारों और मिसाइल जैसे सामूहिक विनाश के हथियार बनाकर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।"
वह नौसेना जलपोत डुबोने के बाद योनप्यांग द्वीप पर गोलाबारी कर लगातार उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है।
पत्र में कहा गया है कि जब तक यह खतरा जारी है तब तक उत्तर कोरियाई प्रशासन और उसकी सेना दक्षिण कोरिया के 'शत्रु' हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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