भ्रष्टाचार के मुद्दे पर शांता ने दी पार्टी को सलाह
कुमार ने अपने आवास पर पत्रकारों से एक अनौपचारिक चर्चा में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराने से लेकर चुनाव प्रणाली तक पर सवाल उठाए। 2जी स्पेकट्रम घोटाले और नीरा राडिया प्रकरण में भाजपा नेताओं के नाम उछलने के सवाल पर हालांकि उन्होंने कोई सीधी टिप्पणी नहीं की लेकिन भाजपा को यह सलाह जरूर दी कि यदि "भ्रष्टाचार सरीखे मुद्दे पर गंभीर और राष्ट्रीय अभियान जारी रखना है तो खुद पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "संविधान में कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका स्पष्ट है। सर्वोच्च न्यायालय कानून की व्याख्या करता है और उसे लागू करता है। यदि जांच एजेंसियां सर्वोच्च अदालत की निगरानी में काम करने लगीं तो आशंका है कि एक दिन ऐसा आएगा जब सर्वोच्च अदालत खुद घोटालों की जांच करने लगेगी। यह एक गंभीर अतिक्रमण है, जिसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति कहा जा सकता है। इससे भ्रष्टाचार कभी भी समाप्त नहीं हो सकता है।"
उनका मानना है कि भ्रष्टाचार की मूल वजह वोट की राजनीति है। उनके मुताबिक, "देश और वोट में से वोट को प्राथमिकता दी जाती रही है लिहाजा राजनीति भ्रष्ट होती जा रही है।"
अमेरिका के संघीय ढांचे की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के संघीय ढांचे में चुने हुए सांसद या प्रतिनिधि सिर्फ सदन के सदस्य होते हैं वे मंत्री नहीं बन सकते। यदि उसी प्रणाली को भारत में लागू कर दिया जाय तो भ्रष्टाचार की जड़ ही पनप नहीं पाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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