मप्र में सरकारी भवनों में बिजली खपत का होगा अंकेक्षण
ऊर्जा विभाग की ओर से जारी किए निर्देश में कहा गया है कि सभी कार्यालय अपने भवनों में बिजली खपत का अंकेक्षण कराएं और ऊर्जा संरक्षण के लिए बनाई गई कार्य योजना को आवश्यक रूप से अमल में लाएं। अंकेक्षण उन्हीं भवनों का होगा, जिनका वार्षिक ऊर्जा देय पांच लाख रुपये से अधिक है।
निर्देशों के मुताबिक ऊर्जा अंकेक्षण के लिए विशेष अंकेक्षकों (ऑडीटर) का दल बनाया जाएगा। योग्य ऊर्जा अंकेक्षक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ऊर्जा विकास निगम की होगी। साथ ही श्रेणीवार अंकेक्षण की दर भी निर्धारित कर दी गई है।
बिजली दरों में हुई वृद्धि के चलते निकट भविष्य में इन कार्यालयों के भवनों में खपत होने वाली बिजली के देयकों में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की संभावना भी जताई गई है। इसी के चलते विभिन्न कार्यालयों के भवनों पर होने वाली बिजली खपत के न्यूनतम देयकों को पिछले वर्ष के बराबर रखने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही सलाह दी गई है कि ऊर्जा दक्ष लैंप, फिक्सचर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों का उपयोग करें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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