पाकिस्तानी तालिबान ने महिला आत्मघाती दस्ता तैयार किया
इस्लामाबाद, 29 दिसम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तानी तालिबान ने देश भर में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए आत्मघाती महिलाओं की एक अलग शाखा स्थापित की है। इस बात का खुलासा अफगानिस्तान सीमा के पास से तालिबान आतंकियों के चंगुल से भाग कर आई 12 वर्षीय बालिका ने किया है।
मीना गुल के भाई ने उससे कहा, "मैं जिस तरह तुम्हें बताता हूं, यदि तुमने उस तरीके से अपने को उड़ा दिया, तो तुम हमसे पहले जन्नत चली जाओगी।" गुल का भाई तालिबान का एक कमांडर है।
समाचार पत्र 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने बुधवार को खबर प्रकाशित की है कि सुरक्षा कर्मियों ने उस लड़की को इस वर्ष जनवरी में दीर जिले के पास मुंडा इलाके से पकड़ा था। 11 महीने पहले उस लड़की ने जो बातें बताई थी, वे 25 दिसम्बर को हुए एक महिला आत्मघाती हमले के बाद सच साबित हुई हैं। इस हमले में बाजौर में 46 लोग मारे गए थे।
मीना उस समय तालिबान विद्रोहियों के चंगुल से भागने में सफल हुई थी, जब एक बमबारी में आतंकियों का ठिकाना मलबे में तब्दील हो गया था।
उसने बताया था कि तालिबान की महिला शाखा आत्मघाती हमले की ताक में है।
गुल ने 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया, "मेरी भाभी जैनब उन महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार थी। वह हमारे गांव से आठ महिलाओं को अफगानिस्तान लेकर गई थी।"
जैनब ने पुरुष की वर्दी में पाकिस्तानी सेना से लड़ाई लड़ी थी।
गुल ने कहा, "मेरी छोटी बहन ने अफगानिस्तान में एक आत्मघाती हमले में खुद को उड़ा दिया था। हालांकि मैं वहां से भागने में सफल हो गई। मैं बहुत डरी हुई थी।"
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक अफगानिस्तान निवासी मीना का परिवार पूरे पाकिस्तान की खाक छान चुका है। यह परिवार कराची, लाहौर और पेशावर के शरणार्थी शिविरों में रह चुका है।
मीडिया रपटों में कहा गया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमेशा यह बात स्वीकार की है कि उसके पास महिला शाखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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