श्रीकृष्णा रिपोर्ट 31 तक, सरकार ने वापस लिए मामले (लीड-1)
सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश श्रीकृष्णा ने पत्रकारों से कहा, "समिति अपनी रिपोर्ट 31 दिसम्बर से पहले सरकार को सौंप देगी। हमें यकीन है कि इसे 31 दिसम्बर से पहले दे दिया जाएगा।"
रिपोर्ट के बारे में कुछ बताने से इंकार करते हुए श्रीकृष्णा ने कहा, "हम मुद्दे के सभी पहलुओं में गए हैं। यह एक विस्तृत रिपोर्ट है।"
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने राज्य में अलग तेलंगाना राज्य की मांग और प्रदर्शनों के बाद की स्थितियों की जांच करने के लिए फरवरी में श्रीकृष्णा समिति का गठन किया था।
श्रीकृष्णा ने जोर देकर कहा कि रिपोर्ट सौंपने के बाद उनका काम समाप्त हो जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि इसके बाद कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि हिंसा न फैले यह सुनिश्चित करना राज्य के तंत्र का कत्र्तव्य है।
श्रीकृष्णा रिपोर्ट आने के बाद हिंसा की आशंका के मद्देनजर आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्रीय बलों की कम से कम 125 कम्पनियों की मांग की है। केंद्र सरकार ने पहले ही 50 कम्पनियों को तेलंगाना क्षेत्र में तैनात करने के लिए हैदराबाद भेज दिया है।
मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश सरकार ने पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर प्रदर्शनों के दौरान दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने का फैसला किया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी और तेलंगाना क्षेत्र के मंत्रियों व अन्य कांग्रेसी नेताओं के बीच हुई कई दौर की बातचीत के बाद सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी 967 मामले वापस लेने के लिए राजी हो गई।
इन सभी मामलों को नवंबर 2009 और सितंबर 2010 के बीच अलग तेलंगाना राज्य की मांग और उसके विरोध को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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