सेना और भाजपा के पुणे बंद का आंशिक समर्थन (लीड-1)
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "शिव सेना और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पुणे-मुम्बई राजमार्ग पर जाम लगाने से यातायात बाधित हुआ। इससे राजमार्ग के समीप स्थित कुछ गांव प्रभावित हुए।"
भाजपा और शिव सेना कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुणे पुलिस ने शहर और इसके बाहरी इलाकों में 6000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी। सुरक्षा के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की अतिरिक्त कम्पनियों और होम गार्डस की मांग की गई है।
पुलिस के संयुक्त आयुक्त अशोक धिवाड़े ने बताया, "कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शहर के सम्पूर्ण पुलिस की तैनाती की गई है। हमारे पास एसआरपीएफ की दो कम्पनियां मौजूद हैं और अन्य तीन कम्पनियों की मांग की गई है।"
उन्होंने बताया, "शहर में अतिरिक्त गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया दल की सेवाएं भी ली जा रही हैं।"
मंगलवार को हिंसा की घटनाओं वाले संवेदनशील इलाकों कोठरूड, वार्जे और पिम्परी -चिंचवाड़ में सुरक्षा कर्मियों की भारी संख्या में तैनाती की गई है।
लोनावाला पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, "रेलगाड़ियों पर पत्थर फेंकने और उन्हें रोकने वाले शिव सेना के 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।"
ज्ञात हो कि इसके पहले कार्यकर्ताओं ने शहर और उसके आस पास के इलाकों में दो रेलगाड़ियों को रोकने के साथ ही नगर निगम की 13 बसों को क्षति पहुंचाई।
शहर में भाजपा और शिव सेना के बंद के आह्वान का आंशिक असर रहा। ज्यादातर निजी और सरकारी स्कूल सहित पेट्रोल पम्प खुले रहे। सुरक्षा के लिहाज से कुछ स्कूलों और विद्यालयों को बंद रखा गया।
उल्लेखनीय है कि पुणे नगर निगम में सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) ने पिछले सप्ताह ऐतिहासिक लाल महल से कोंडदेव की प्रतिमा हटाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद सोमवार की रात प्रतिमा वहां से हटा दी गई। इस पर नाराज भाजपा और शिवसेना कार्यकर्ताओं ने निगम की इमारत में तोड़फोड़ की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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