जेपीसी से कम कुछ भी स्वीकार नहीं : भाजपा (लीड-1)
नई दिल्ली, 28 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा पत्र लिखकर संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष उपस्थित होने की पेशकश पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को यहां कहा कि वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने से कम पर तैयार नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने पत्रकारों से कहा, "प्रधानमंत्री ने अपने एक अप्रत्याशित पेशकश में कहा है कि वह पीएसी के समक्ष प्रस्तुत होंगे। हम नहीं चाहते कि प्रधानमंत्री कोई परंपरा तोड़ें। हमने ऐसी मांग नहीं की और हम इसके पक्ष में भी नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, "जेपीसी से कम भाजपा कुछ भी नहीं चाहती।"
भाजपा का यह बयान प्रधानमंत्री द्वारा एक सप्ताह पहले हुए कांग्रेस महाधिवेशन में पीएसी के समक्ष प्रस्तुत होने की अपनी पेशकश और इस सम्बंध में पीएसी के अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को लिखे पत्र के बाद आया है।
प्रधानमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि अब तक कोई भी प्रधानमंत्री संसदीय जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुआ है, लेकिन वह इसके लिए तैयार हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जोशी ने जेपीसी जांच का खंडन नहीं किया है। उन्होंने कहा, "वह अपना काम कर रहे हैं। जहां तक मेरी जानकारी है, उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा कि जेपीसी जांच की आवश्यकता नहीं है।"
जोशी ने प्रधानमंत्री की पेशकश पर प्रतिक्रिया देते हुए सोमवार को कहा, "सदस्यों से राय लेने के बाद उचित समय पर उचित फैसला लिया जाएगा।"
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी संकेत दिया है कि भाजपा जेपीसी जांच पर जोर देगी।
सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर पर टिप्पणी में स्वराज ने लिखा, "पीएसी का दायरा जेपीसी से बिल्कुल अलग है। जहां पीएसी खातों से निपटती है, वहीं जेपीसी जवाबदेही और प्रशासन के साथ।"
स्वराज ने कहा कि भाजपा लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच गतिरोध दूर करने के लिए बुलाई गई बैठक में हिस्सा लेगी। स्वराज ने ट्विटर पर मंगलवार को लिखा है, "हम माननीय लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लेंगे।"
उल्लेखनीय है कि पूरा विपक्ष 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जांच कराए जाने की मांग कर रहा है। जेपीसी जांच की मांग को लेकर समूचे विपक्ष ने संसद का पूरा शीतकालीन सत्र नहीं चलने दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications