मां के खून से होगी गर्भ में विकारों की जांच
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक 'एम्नियोसेंटेसिस' प्रक्रिया में गर्भाशय में एम्नियोटिक द्रव्य से डीएनए का नमूना लिया जाता है और इसकी जांच करके अजन्मे बच्चे में कुछ विकारों का पता लगाया जाता है। इस प्रक्रिया में डीएनए लेते समय गर्भपात का खतरा रहता है।
अब हांगकांग के वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है। चिकित्सक सिर्फ मां के खून की जांच से ही भ्रूण की आनुवांशिक असामान्यताओं का पता लगा सकते हैं।
हांगकांग के चाइनीज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक दुनिया के ऐसे पहले वैज्ञानिक हैं जिन्हें 12 सप्ताह के गर्भ वाली एक महिला के खून से उसके अजन्मे बच्चे की पूरी आनुवांशिक संरचना (डीएनए) का पता लगाने में कामयाबी मिली है।
इस खोज से गर्भ में आनुवांशिक विसंगतियों का पता लगाने के लिए मां के खून के परीक्षण की अन्य जांचें विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
पहले यह बात ज्ञात नहीं थी कि मां के खून में शिशु का पूर्ण डीएनए होता है और एक बार में केवल एक ही विकार के लिए जांच हो पाती थी।
इन्हीं वैज्ञानिकों ने 1997 में मां के खून में भ्रूण का डीएनए मौजूद होने की खोज की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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