तेलंगाना के कांग्रेसी सांसदों का उपवास दूसरे दिन भी जारी
आंध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकार सोमवार देर रात तक प्रयास करती रही कि उसके सांसद अपना अनशन तोड़ दें, लेकिन सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे।
वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य के.केशव राव के नेतृत्व में नौ सांसदों ने न्यू एमएलए क्वोर्टर्स स्थित अनशन शिविर में रात बिताई।
चिकित्सकों के एक दल ने अनशनरत सांसदों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। चिकित्सकों ने बताया कि सभी के स्वास्थ्य मानक सामान्य थे।
सरकार ने सोमवार रात निर्णय लिया कि 834 विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज 135 मामलों को वापस ले लिया जाएगा, लेकिन सांसदों ने स्पष्ट कर दिया जब तक नवम्बर 2009 से सितम्बर 2010 तक दर्ज सभी मामले वापस नहीं ले लिए जाते, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे।
मुख्यमंत्री एन. किरन कुमार रेड्डी ने सांसदों को मनाने के लिए तेलंगाना क्षेत्र के तीन मंत्रियों को पिछली रात जिम्मेदारी सौंपी थी, क्योंकि यह खुद की सरकार के लिए शर्मनाक साबित हो रहा है। लेकिन सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे।
सांसदों के अनशन से चिंतित कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व भी मुद्दे के हल के लिए मुख्यमंत्री और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष डी.श्रीनिवास के साथ बराबर सम्पर्क में है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और पार्टी महासचिव वीरप्पा मोइली ने रेड्डी और श्रीनिवास से फोन पर बात की।
चूंकि तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक भी मंगलवार को सांसदों के साथ अनशन में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, लिहाजा सरकार मामले का तत्काल कोई हल निकालने के लिए भारी दबाव में है।
सरकार खुद को और शर्मिदा होने से बचाने के लिए बाकी 970 मामलों को वापस लेने की घोषणा कर सकती है, क्योंकि तेलंगाना के विभिन्न संगठन अनशनरत सांसदों के प्रति लगातार अपनी सहानुभूति प्रदर्शित कर रहे हैं और उनसे पृथक राज्य के गठन तक अनशन जारी रखने के लिए आग्रह भी कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि आंध्र प्रदेश के तीनों क्षेत्रों में तेलंगाना के पक्ष और विपक्ष में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 8,047 लोगों के खिलाफ कुल 1,667 मामले दर्ज किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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