आंध्र सरकार तेलंगाना से सम्बंधित सभी मामले वापस लेने को राजी (लीड-1)
प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी और तेलंगाना क्षेत्र के मंत्रियों व अन्य कांग्रेसी नेताओं के बीच हुई कई दौर की बातचीत के बाद सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी 967 मामले वापस लेने के लिए राजी हो गई। वापस लिए जाने वाले ये मामले इससे पहले वापस लिए गए मामलों के अतिरिक्त हैं।
ये मामले नवम्बर 2009 और सितम्बर 2010 के बीच प्रदेश के तीनों क्षेत्रों में तेलंगाना के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन करने वाले लोगों पर दर्ज किए गए थे।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मामलों को वापस लेने की घोषणा गृहमंत्री सबिता इंद्र रेड्डी करेंगी। कुछ गम्भीर मामलों को वापस लेने के लिए सरकार अदालत जाएगी।
अब तेलंगाना क्षेत्र के मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल, पार्टी के उन सांसदों से मुलाकात करेगा, जो सभी मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार से ही अनशन पर हैं। यह प्रतिनिधिमंडल अनशनरत सांसदों को सरकार के निर्णय की जानकारी देगा और उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध करेगा।
सरकार, कांग्रेस सांसदों को अनशन तोड़ने के लिए राजी करने हेतु सोमवार देर रात तक प्रयास करती रही, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिल पाई थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य के. केशव राव के नेतृत्व में पार्टी के नौ सांसदों ने न्यू एमएलए क्वार्टर्स स्थित अनशन शिविर में रात बिताई।
चिकित्सकों के एक दल ने अनशन पर बैठे नेताओं के स्वास्थ्य की जांच के बाद बताया था कि सभी नेताओं के स्वास्थ्य मानक सामान्य थे।
सरकार ने सोमवार को 834 छात्रों के खिलाफ दर्ज 135 मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया था, लेकिन सांसदों ने स्पष्ट कर दिया था कि वे सभी मामले वापस लिए जाने पर ही अनशन खत्म करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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