केरल विधानसभा में अच्युतानंदन व चांडी के बीच नोकझोक
तिरुवनंतपुरम, 28 दिसम्बर (आईएएनएस)। केरल विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन और विपक्ष के नेता ओमन चांडी के बीच उस समय नोकझोक शुरू हो गई, जब विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य में लॉटरी के टिकटों की बिक्री में हुए कथित घोटाले पर स्थगन प्रस्ताव की अनुमति देने से इंकार कर दिया।
यह मामला विधानसभा में तब सामने आया है, जब इसके पहले अच्युतानंदन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे एक पत्र में लाटरी घोटाले की केंद्रीय जांच ऐजेंसी से जांच कराए जाने की मांग की है। इस घोटाले के तहत भूटान और सिक्किम लॉटरियों के एजेंटों ने पिछले चार वर्षो के दौरान कर कानूनों का उल्लंघन कर और लावारिश पुरस्कार राशि को निकाल कर कथित रूप से 80,000 करोड़ रुपये झटक लिया था।
कांग्रेस विधायक वी.डी. सतीशन ने कहा, "हमने पिछले विधानसभा सत्र में ही जांच के लिए इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उस समय राज्य के वित्त मंत्री थामस इसाक इस बात पर अड़े हुए थे कि इस मामले की कोई जांच नहीं होगी और अब मुख्यमंत्री ने खुद, यहां तक कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की मांग की है।"
सतीशन ने कहा, "यह एक शर्म का विषय है कि इसाक अभी भी आपके कैबिनेट में मंत्री हैं। उन्हें अब पद छोड़ने के लिए कह दिया जाना चाहिए।"
अच्युतानंदन ने यह कहते हुए पलटवार किया कि अभी ज्यादा दिन नहीं हुए, जब नलिनी चिदम्बरम और उनके पति, गृह मंत्री पी.चिदम्बरम ने लॉटरी किंग सैंटिगो मार्टिन की वकालत की थी।
अच्युतानंदन ने चांडी को सम्बोधित करते हुए कहा, "हमने सैंटिगो मार्टिन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्र को कई पत्र लिखे थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। क्या आप कुछ वर्ष पहले मुख्यमंत्री नहीं थे, और फिर आपने क्या किया? विपक्ष के नेता के रूप में मैंने कई बार आपसे कार्रवाई करने के लिए कहा था, लेकिन क्या आपने कुछ किया? हमें पता है, लॉटरी किंग के साथ आपके सम्बंध हैं।"
इस पर चांडी ने कहा, "मुख्यमंत्री के रूप में कृपया एक जिम्मेदार तरीके से बयान दीजिए और इसमें चिदम्बरम का नाम मत घसीटिए। मंत्री बनने के बाद वह कभी भी वकील के रूप में पेश नहीं हुए थे। हम जानना चाहते हैं कि आपने लॉटरी मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सिबी मैथ्यू की जांच रिपोर्ट को अदालत में पेश करने में चार वर्ष क्यों लगा दिए। अपनी खामियों के लिए केंद्र को कृपया दोषी मत ठहराइए।"
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव की अनुमति न मिलने पर असंतोष जाहिर करते हुए चांडी ने अच्युतानंदन से कहा कि वे तभी किसी प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, जब सरकार लॉटरी घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने को राजी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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