ईरान में कथित जासूस सहित 2 को फांसी दी गई
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' ने कहा है कि अली-अकबर एस. ने छह वर्षो तक मोसाद को कथितरूप से सहयोग किया था और उसे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मिसाइल कार्यक्रम से सम्बंधित गोपनीय जानकारी मुहैया कराई थी। इसके बदले उसे 60,000 डॉलर की धनराशि प्राप्त हुई थी।
अली-अकबर एस. को 2008 में गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। मंगलवार को तेहरान के एविन जेल में उसे फांसी पर लटका दिया गया।
फांसी पर लटकाए गए दूसरे व्यक्ति अली एस. पर विपक्षी आतंकी संगठन, पीपुल्स मुजाहिदीन ऑफ ईरान (पीएमओआई) के मौजूदा और पूर्व सदस्यों के साथ सहयोग करने का आरोप था।
कई उच्च अधिकारियों की हत्याओं में संलिप्तता उजागर होने के बाद से ईरान, पेरिस के इस संगठन (पीएमओआई) को आतंकी संगठन मानता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications