प्रतिरक्षा तंत्र में संक्रमण से लड़ने की अतिरिक्त क्षमता होती है
शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करने वाला एक मुख्य स्विच होता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'न्यूक्लियर फैक्टर कप्पा' कहा जाता है। यह स्विच शरीर में होने वाले हर संक्रमण की खबर रखता है और संक्रमण होने पर प्रतिरक्षा प्रणाली को रोगाणु का सफाया करने के लिए सक्रिय करता है।
कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक विश्वविद्यालय में फार्मेकोलॉजी के प्रोफेसर माइकेल करिन ने अपने प्रयोग में कुछ ऐसे चूहों को लिया, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली का यह मुख्य स्विच यानी न्यूक्लियर फैक्टर कप्पा नहीं था। उन्होंने उन चूहों की त्वचा को बैक्टीरिया से संक्रमित किया।
आम धारणा के मुताबिक इन चूहों को आसानी से बैक्टीरिया से प्रभावित हो जाना चाहिए था, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली में यह मुख्य स्विच नहीं थी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इन चूहों ने न सिर्फ बैक्टीरिया का सफाया किया, बल्कि साधारण चूहों से अधिक तेजी से इन बैक्टीरिया का सफाया किया।
करिन ने कहा कि इन चूहों ने प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने वाले एक अन्य अणु 'इंटरल्युकिन-1 बीटा' उत्पन्न किया, जिसके असर से चूहों की अस्थि मज्जा (बोन मैरो) से बहुत अधिक मात्रा में सफेद रक्त कणिका 'न्यूट्रोफिल्स' पैदा हुआ। इन सफेद रक्त कणिकाओं ने शरीर में पैदा होने वाले कुछ अन्य द्रव्यों (एंजाइम्स और प्रोटीज) के सहयोग से बैक्टीरिया का सफाया कर दिया।
प्रयोगशाला में बाल चिकित्सा और फार्मेसी के प्रोफेसर विक्टर निजेट ने कहा कि रोगाणुओं में प्रतिरक्षा प्रणाली को धोखा देने के लिए नई नई रणनीति अपनाने की क्षमता होती है। इसे देखते हुए प्रतिरक्षा प्रणाली की यह अतिरिक्त क्षमता बहुत महत्वपूर्ण साबित होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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