एमक्यूएम के अलग होने से पाकिस्तान सरकार को एक और झटका (लीड-1)
एमक्यूएम के नेता हैदर अब्बास रिजवी ने स्थानीय समाचार चैनल 'समा टीवी' से कहा, "हमारी चिंताएं दूर नहीं की गई हैं इसलिए हम अपना अलग रास्ता चुनने के लिए मजबूर हुए हैं।"
एमक्यूएम ने यह फैसला जेयूआई-एफ द्वारा सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के एक सप्ताह बाद लिया है। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने जेयूआई-एफ के सदस्य आजम स्वाती को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के पद से हटा दिया था।
रिजवी ने कहा, "पहले चरण में हमारे दो संघीय मंत्री फारुक सत्तार और बाबर खान घोरी मंगलवार को पद छोड़ देंगे ओर प्रधानमंत्री को त्यागपत्र सौंप देंगे।"
एमक्यूएम ने सरकार को 10 दिनों का समय देकर सिंध के गृह मंत्री जुल्फिकार मिर्जा के बयान पर स्पष्टीकरण मांगा था। मिर्जा ने एमक्यूएम पर कराची में फिरौती वसूलने और हत्या करवाने का आरोप लगाया था।
एमक्यूएम के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री गिलानी से इस सम्बंध में मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था लेकिन समय सीमा खत्म होने तक कोई कदम नहीं उठाए जाने के कारण एमक्यूएम ने गठबंधन छोड़ने का फैसला किया।
एमक्यूएम नेता वसाई जलील ने कहा, "हम फिलहाल विपक्ष में शामिल नहीं हो रहे हैं। हम अगला कदम उठाने से पहले इंतजार करेंगे।"
उन्होंने कहा, "यदि स्थितियों में सुधार नहीं होता है तो हम केंद्र और सिंध प्रांत दोनों जगह गठबंधन छोड़ देंगे।"
जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजल-उर-रहमान ने 21 दिसम्बर को पार्टी के बाकी चार मंत्रियों का इस्तीफा सौंप दिया था और सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।
संघीय मंत्री और पीपीपी नेता खुर्शीद शाह ने कहा कि सरकार गठबंधन के सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलना चाहती है और कोई औपचारिक प्रतिक्रिया देने से पहले स्थितियों पर विचार किया जाएगा।
माना जा रहा है कि राष्ट्रपति जरदारी ने आंतरिक मंत्री रहमान मलिक को मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए कहा हैं और वह एमक्यूएम से बातचीत के लिए जल्द ही कराची पहुंच सकते हैं।
पीपीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन से इन दो पार्टियों के बाहर होने पर गठबंधन को संसद में विश्वास मत प्राप्त करने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications