पश्चिम बंगाल में बंद का आंशिक असर
पीसीएपीए ने बंद का यह आयोजन अपने प्रवक्ता की गिरफ्तारी के विरोध स्वरूप किया है। पश्चिम मिदनापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने बताया, "जंगलमहल (पश्चिम मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा के नक्सल प्रभावित जंगली इलाके) इलाकों में बंद का असर है, लेकिन वहां कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है।"
कुमार ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि पश्चिम मिदनापुर के जनजाति बाहुल्य जंगली इलाके वीरान पड़े हुए हैं। वाहन सड़कों पर नहीं उतरे हैं और दुकानें बंद हैं। सरकारी कार्यालय और विद्यालय खुले हुए हैं, लेकिन उपस्थिति बहुत कम है।
बांकुरा के पुलिस अधीक्षक प्रणव कुमार ने आईएएनएस को बताया, "बांकुरा में सारंगा, बाड़ीकुल, रानीबांध और सिमलीपाल जैसे इलाकों में पूर्ण बंद है, जबकि खटरा, इरबंदा और अन्य आसपास के इलाकों में बंद का आंशिक असर है।"
पुरुलिया में अयोध्या हिल्स के पास स्थित बानदोन, बागमुंडी, अरसा, बलरामपुर और झाल्दा इलाकों के जनजाति समुदाय के लोगों ने बंद का आयोजन किया है। यह इलाका नक्सलियों के लिए सुरक्षित गलियारे के रूप में जाना जाता है। लेकिन शहरी इलाकों में बंद का कोई नामोनिशान नहीं है।
ज्ञात हो कि पीसीएपीए ने अपने प्रवक्ता अजित महतो की गिरफ्तारी के विरोध स्वरूप शुक्रवार को बंद का आह्वान किया था। पीसीएपीए ने जंगलमहल से संयुक्त बलों को हटाने की भी मांग की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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