पहली समुद्री विमान सेवा 'जल हंस' शुरू (लीड-1)
आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह देश की पहली समुद्री विमान सेवा होगी और इस सेवा का मकसद अभी अंडमान और निकोबार द्वीप समूहों में यातायात संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देना होगा।
इस सेवा के लिए अंडमान और निकोबार प्रशासन और पवन हंस हेलीकॉप्टर लिमिटेड (पीएचएचएल) ने लाभ तथा हानि में आधी-आधी हिस्सेदारी के एक समझौते पर हस्ताक्षर किया।
इस सेवा के लिए सेसना 208ए विमान का उपयोग किया जाएगा। विमान में आठ यात्रियों और दो पायलटों के बैठने की जगह होगी। यह सेवा अभी राजधानी पोर्ट ब्लेयर और हैवलॉक द्वीप के लिए होगी। बाद में सेवा का विस्तार उत्तरी अंडमान के अन्य द्वीपों तक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
पोर्टब्लेयर में जल हंस हवाई अड्डे से उड़ान भरेगा, जबकि हैवलॉक और दिगलीपुर में यह जल अड्डे (वाटरड्रॉम) से उड़ान भरेगा।
पटेल ने इस योजना को एक स्वप्न के साकार होने जैसा बताया और कहा कि अधिकतर लोकप्रिय द्वीपों और तटीय क्षेत्रों में इस सेवा को शुरू किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि लक्षद्वीप, गोवा, उड़ीसा, आदि जगहों पर भी ऐसी सेवाएं शुरू की जाएंगी।
बयान में कहा गया है कि सरकार ने इस क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी दी है।
पटेल ने कहा कि इस क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा पवन हंस को भी इस सेवा के संचालन के लिए एक कम्पनी का गठन करना चाहिए।
जलहंस 250 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है और यह जल और जमीन दोनों पर उतर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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