'भूमि अधिग्रहण अदालत किराये का आदेश नहीं दे सकती'
न्यायमूर्ति के. एस. झावेरी ने तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की एक याचिका पर यह आदेश दिया।
ओएनजीसी ने मेहसाना जिला के रिफरेंस कोर्ट को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। रिफरेंस कोर्ट ने कल्याणजी ठाकुर की याचिका पर ओएनजीसी को ब्याज सहित तब-तक अतिरिक्त किराया देने का आदेश दिया था, जब तक कि मुआवजा राशि की पूरी अदायगी नहीं हो जाए। ओएनजीसी ने कल्याणजी की भूमि का अधिग्रहण किया था।
भू-अधिग्रहण अधिकारी ने ठाकुर की भूमि के अस्थायी अधिग्रहण का प्रस्ताव बनाया था और उसका जो मुआवजा तय किया था, वह ठाकुर को स्वीकार नहीं था।
इसके खिलाफ ठाकुर ने रिफरेंस कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने ओएनजीसी को अतिरिक्त किराया देने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने उस आदेश को खारिज कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications