'बालाकृष्णन के खिलाफ आरोपों की जांच हो'
कोच्चि, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, वी.आर.कृष्णा अय्यर ने सोमवार को मांग की कि देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश व वर्तमान समय में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के.जी.बालाकृष्णन के खिलाफ भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों की जांच की जाए।
यहां पास में स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में अय्यर ने कहा कि जब बालाकृष्णन पहले दलित प्रधान न्यायाधीश नियुक्त हुए थे, तो उन्हें बहुत खुशी हुई थी लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
अय्यर ने कहा, "एक खबर के जरिए जो आरोप फिलहाल सामने आए हैं, जिसमें दूसरे दिन उनके दामाद के बारे में और एक न्यायाधीश द्वारा राजा के मुद्दे पर उन्हें पत्र लिखे जाने के बारे में बातें सामने आई हैं, उससे मुझे इस बारे में शर्मिदगी महसूस हुई है कि मैं भी न्यायाधीश था।"
अय्यर, एक टीवी चैनल द्वारा रविवार को प्रसारित किए गए उस खबर का जिक्र कर रहे थे, जिसमें कहा गया था कि बालाकृष्णन के दामाद पी.वी.श्रीनिजिन ने पिछले तीन वर्षो में कथित रूप से अपार सम्पत्ति अर्जित की थी। श्रीनिजिन कांग्रेस के नेता और पेशे से वकील हैं।
अय्यर ने कहा, "उनके दामाद, बेटी और रिश्तेदारों के बारे में जो भी आरोप सामने आए हैं, सभी की जांच की जानी चाहिए।" इसके साथ ही न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति द्वारा बालाकृष्णन की भी जांच की जानी चाहिए।
अय्यर ने न्यायाधीशों की नियुक्ति व प्रदर्शन के लिए एक आयोग गठित किए जाने की भी मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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