केरल विधानसभा ने करुणाकरन को श्रद्धांजलि दी
तिरुवनंतपुरम, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। केरल विधानसभा में सभी राजनीतिक दलों नेताओं ने दलगत भावना से ऊपर उठ कर सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिवंगत के. करुणाकरन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। करुणाकरन राज्य के चार बार मुख्यमंत्री रहे। उनका पिछले गुरुवार को निधन हो गया था।
मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन ने करुणाकरन के साथ अपनी लम्बे राजनीतिक विरोध को याद किया। अच्युतानंदन ने कहा, "करुणाकरन का निधन एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि वह एक महान नेता और योग्य प्रशासक थे। हर पार्टियों में उनके चाहने वाले थे।"
ताड़ का तेल आयात करने में हुए घोटाले को लेकर करुणाकरन के खिलाफ दायर अच्युतानंदन का मुकदमा अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित है। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पी.जे.थामस भी उस मामले में आरोपी हैं।
गृह मंत्री कोदियेरी बालाकृष्णन ने कहा कि करुणाकरन अपने मजबूत कम्युनिस्ट विरोधी राजनीतिक रुख के बावजूद कम्युनिस्ट नेताओं से निजीतौर पर अच्छे सम्बंध रखते थे।
बालाकृष्णन ने कहा, "कोच्चि हवाईअड्डे को शुरू करने और उसे विकसित करने में अपनी पहल के लिए वह लम्बे समय तक याद किए जाएंगे। इसके अलावा करुणाकरन ने विभिन्न समुदायों, जाति और धर्म के जटिल मुद्दों को जिस तरीके से निपटाया, वह भी उल्लेखनीय है। वह हर मामले में एक वास्तविक नेता थे।"
विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने करुणाकरन को व्यावहारिक नेता बताया।
चांडी ने कहा, "हर तरह से वह अपने आप में एक युग थे, जिन्हें हमेशा याद किया जाएगा और उनका स्थान कोई नहीं ले पाएगा। राज्य में 70 के दशक के प्रारम्भ में उन्होंने नक्सलवाद से जिस दृढ़ता से निपटा, उसका परिणाम यह रहा कि राज्य से नक्सलियों का पूर्ण रूप से सफाया हो गया।"
विधानसभा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता और राज्य के खाद्य मंत्री सी.दिवाकरन ने कहा कि गठबंधन की राजनीति के सिद्धांत को सफलतापूर्वक लागू करने का श्रेय करुणाकरन को दिया जाना चाहिए।
विभिन्न पार्टियों के नेताओं द्वारा करुणाकरन के बारे में अपने विचार व्यक्त कर लिए जाने के बाद विधानसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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