पत्र के सार्वजनिक होने पर चिदम्बरम की आलोचना
माकपा की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति ने एक बयान जारी कर कहा कि चिदम्बरम को इसका जवाब देना चाहिए।
बयान में कहा गया है कि मीडिया में 25 दिसम्बर को इस पत्र में लिखी गई बातों की विस्तार से चर्चा हुई है जबकि तीन दिनों बाद भी 27 दिसम्बर तक मुख्यमंत्री को यह पत्र नहीं मिला है।
बयान में कहा गया कि यह गृह मंत्री और एक राज्य के मुख्यमंत्री के बीच संवाद का अजीब तरीका है। मुख्यमंत्री तक पत्र पहुंचने से पहले ही मीडिया को सारी बात बता दी गई।
बयान में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि ऐसा केंद्र में सरकार की साझीदार तृणमूल कांग्रेस को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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