'राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बने'
पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और हरिद्वार के परमार्थ आश्रम के स्वामी चिन्मयानंद ने कहा, "अयोध्या एक राष्ट्रीय तीर्थ स्थान है। करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए लोगों को जाति और धर्म से परे होकर अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में सहयोग करना चाहिए।"
एनजीओ श्री हनुमंत शक्ति जागरण समिति की ओर से आयोजित एक 'धर्म सभा' को चिन्मयानंद सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, "इस सम्बंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है, लेकिन साथ ही उसने भूमि का एक भाग अनावश्यक रूप से सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने का आदेश दिया है। इसलिए संसद को हिंदुओं को पूरी भूमि सौंपने वाला कानून पारित कर उसे बहुसंख्यक के हितों की रक्षा करनी चाहिए।"
इस आयोजन में भाग लेने वाले अन्य हिंदू समूहों ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए एक कानून बनाए जाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि गत 30 सितंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या की विवादित जमीन के तीन बराबर हिस्से करने का फैसला दिया। इसमें एक हिस्सा राम लला, एक हिस्सा निर्मोही अखाड़ा और एक हिस्सा वक्फ बोर्ड को देने के लिए कहा गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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