आर्कटिक क्षेत्र के लिए परमाणु आइसब्रेकर बनाएगा रूस
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक रूसी उप प्रधानमंत्री सर्जे इवानोव ने कहा है कि रूस की सबसे बड़ी पोत निर्माता कम्पनी, सोवकॉमफ्लोट में एक हिस्सेदारी बेचने से जो धन अर्जित होगा वह सरकारी खजाने में नहीं जाएगा, बल्कि उसे एक नई पीढ़ी का परमाणु संचालित आइसब्रेकर बनाने में खर्च किया जाएगा।
इवानोव ने कहा कि इस आइसब्रेकर का निर्माण कार्य पांच वर्षो में पूरा हो जाएगा। इसकी रफ्तार 37 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
रूस की संघीय परमाणु एजेंसी, रोसएटम फिलहाल इस परियोजना के लिए हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है। परियोजना के 2011 में शुरू होने की सम्भावना है।
कुछ अधिकारियों ने हालांकि कहा है कि परियोजना की लागत को लेकर अतिरिक्त विश्लेषण किए जाने की जरूरत है, क्योंकि परियोजना का खर्च प्रारम्भिक अनुमानित लागत से बढ़ गया है।
इस आइसब्रेकर का इस्तेमाल बारेंट्स सागर, पचोरा सागर और कारा सागर सहित पश्चिमी आर्कटिक क्षेत्र में किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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