बांग्लादेश में विस्फोटक, कारतूस मिले
बांग्लादेश सीमा रक्षकों ने 13,000 कारतूसों की खोज के एक सप्ताह बाद यह बरामदगी की।
बरामद सामग्री में कॉम्पैक्ट डिस्क, विभिन्न मोबाइल ऑपरेटर्स के 19 सिमकार्ड, भारतीय मुद्रा, एक मैगजीन, कारतूस रखने वाली दो बेल्ट, तीन वॉकी-टॉकी तथा कुछ किताबें एवं उल्फा के नाम से स्थानीय तौर पर प्रकाशित परचे शामिल हैं।
पुलिस ने 18 दिसम्बर को 80 वर्ष के वसीर उद्दीन द्वारा छोड़े गए कमरे से प्लास्टिक के थैले में भरे राइफल के 13,680 कारतूस बरामद किए जो 57 पैकेट युद्ध सामग्री के बराबर है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे जांचकर्ताओं ने कहा कि ये कारतूस शेरपुर जिले के बाकागोरा गांव में मिले। इस जिले में, खास तौर से सीमावर्ती इलाके के पहाड़ी गांवों में युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा ) के विद्रोही सक्रिय रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहचान करना मुश्किल है कि किन लोगों ने ये विस्फोटक सामग्री वहां छोड़ी, क्योंकि 80 वर्षीय बुजुर्ग के सिवा आतंकियों के उस गढ़ में कोई नहीं दिखा।
त्वरित कार्य बटालियन की खुफिया इकाई के प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल जियाउल एहसान ने दैनिक स्टार न्यूज से कहा कि यह सामग्री उल्फा के अलगाववादी विद्रोहियों ने अपने ठिकानों से भागते समय छोड़ी।
प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार ने भारतीय आतंकी संगठनों के पनाहगाह बने उन इलाकों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है, जो कथित तौर पर बांग्लादेश की पूर्व सरकार ने मुहैया कराए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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